कृष्णकुमार राजपुरोहित
स्मार्ट हलचल| जालौर की प्रतिभा अब राज्य पटल पर मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं इसी क्रम में जालौर जिले के ग्राम गाँव मायलावास की दो सगी बहनों सागर कंवर सोलंकी, मनीषा कंवर सोलंकी सुपुत्रियां छैल सिंह ने राजस्थान सरकार के राजस्थान युथ बोर्ड द्वारा आयोजित ‘विकसित राजस्थान यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ में राज्य स्तर पर अंतिम चयन प्राप्त कर जिले और गाँव का गौरव बढ़ाया हैं। दोनों बहिनों ने राज्य भर से अधिक प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। बहु-चरणीय चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम रूप से सागर, मनीषा का ज़िले से चयन हुआ।
सागर कंवर का चयन पूरे राजस्थान में प्रथम रैंक के साथ हुआ हैं।
सागर ने ‘इनोवेशन विद ट्रेडिशन: बिल्डिंग ए मॉडर्न भारत’ (परंपरा के साथ नवाचार: एक आधुनिक भारत का निर्माण) विषय पर अपना प्रभावशाली दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। राजस्थान से टॉप-1में स्थान प्राप्त करते हुए सागर ने यह सिद्ध किया कि नवाचार तभी स्थायी और प्रभावी होता हैं, जब उसकी जड़ें समृद्ध परंपराओं में हों। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने कहा की विश्व प्रसिद्ध योग और आयुर्वेद में आधुनिक नवाचारों के माध्यम से विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया राज्य स्तर पर चयन के बाद अब सागर कंवर सोलंकी राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम राजस्थान राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में भाग लिया। यहां वे मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ नीति-निर्माताओं के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किये और अपना विकसित राजस्थान का विज़न प्रस्तुत किया सागर का प्रस्ताव हैं कि राज्य के प्रत्येक जिले में इन्नोवेशन हब्स और ट्राइबल नॉलेज हब्स स्थापित किए जाएं। साथ ही एआई आधारित तकनीक के माध्यम से स्थानीय कला, संस्कृति और ग्रामीण स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाए।
इन बेटियों ने पूरे राजपूत समाज और क्षेत्र का नाम रोशन किया हैं। इन दोनों बहिनों की अनगिनत उपलब्धियों से गाँव में खुशी की लहर हैं, मायलावास गाँव की बालिकाओं में यह प्रथम बेटियां हैं। दोनों बहनें एक राजपूत परिवार से हैं, इनके पिताजी छैल सिंह जी एक किसान हैं ये दोनों बेटियाँ बचपन से ही पढ़ाई व खेलकूद में हमेशा अव्वल रही हैं उनकी ये उपलब्धियां इस कहावत को चरितार्थ करती हैं “मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती।”
चींटी की तरह, जो बार-बार गिरकर भी पहाड़ चढ़ने का प्रयास करती हैं, उसी तरह इन बेटियों ने निरंतर परिश्रम कर विजय प्राप्त की हैं। हाल ही में दोनों बहिनों ने क्रमशः राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल सागर ने व सिल्वर मेडल मनीषा ने जीता था
सागर कंवर सोलंकी वीर वीरमदेव राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जालोर में एम.ए. इतिहास चतुर्थ सेमेस्टर में अध्यनरत हैं, इन्होंने एम.ए प्रीवियस परीक्षा में जालोर महाविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सागर कंवर वर्तमान में राजकीय महाविद्यालय आहोर की छात्र संघ महासचिव हैं। पूर्व में बारहवीं कक्षा में ग्राम पंचायत स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। सागर कंवर नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट और एक बार सॉफ्टबॉल राज्यस्तरीय खिलाड़ी रह चुकी हैं। मनीषा कंवर सोलंकी राजकीय महाविद्यालय आहोर में बी.ए. पंचम सेमेस्टर में अध्यनरत हैं, मनीषा कंवर ने पूर्व में बारहवीं कक्षा में विधालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। नेशनल सिल्वर मेडलिस्ट और दो बार राज्यस्तरीय खिलाड़ी रह चुकीं हैं। हाल ही में दोनों बहिनें उपखण्ड स्तर पर स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित हो चुकी हैं। हाल ही में दोनों बहिनों का विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में राज्य स्तर पर भी चयन हुआ था।
ये बेटियां हजारों बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, इनके जज्बे और जुनून को सलाम। गांव में आज हर कोई इनकी प्रतिभा को सलाम कर रहा हैं। ये बेटियाँ राजपूत समाज का गर्व और गौरव हैं। ये दोनों बहिनें हर क्षेत्र में अव्वल स्थान प्राप्त कर रही हैं, आगे भी आप दोनों बहिनें अपनी प्रतिभा से समाज और गाँव का नाम रोशन करें।
आप आगे प्रशासनिक अधिकारी बनकर गाँव व जिले का नाम रोशन करें पूरे राजपूत समाज और गाँव की ओर से दोनों बहनों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।
दोनों बहिनों ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता को दिया हैं।


