(महेन्द्र नागोरी)
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|शहर के विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर विकास न्यास (यूआईटी) अजमेर रोड पर अपनी ही नाकामी का जीता-जागता उदाहरण पेश कर रहा है। भीलवाड़ा शहर से अजमेर रोड स्थित सुशांत सिटी से पहले मुख्य सड़क मार्ग पर करीब 100 फीट का हिस्सा पिछले तीन महीनों से गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जहां हर गुजरता वाहन हादसे को दावत दे रहा है।
सड़क पर उखड़ा डामर, फैली गिट्टियां और गहरे गड्ढे यह साबित करने के लिए काफी हैं कि करोड़ों रुपए के विकास के दावे सिर्फ फाइलों और भाषणों तक सीमित हैं। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिर रहे हैं, कारें झटकों से क्षतिग्रस्त हो रही हैं और ऑटो चालकों की जान हलक में अटकी रहती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिला प्रशासन और नगर विकास न्यास के अधिकारी इसी मार्ग से रोज़ गुजरते हैं, फिर भी न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही अस्थायी मरम्मत तक की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि भीलवाड़ा नगर विकास न्यास किसी बड़े हादसे या जानलेवा दुर्घटना के बाद ही हरकत में आने की मानसिकता पर काम कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यही हालात रहे और किसी निर्दोष की जान गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर विकास न्यास और प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। जनता पूछ रही है कि आखिर कब तक आमजन की जान को यूं ही विकास की बलि चढ़ाया जाता रहेगा?
अब समय आ गया है कि नगर विकास न्यास जमीनी हकीकत देखे और दिखावटी विकास छोड़कर तुरंत इस सड़क की मरम्मत कर स्थायी समाधान करे, अन्यथा जनआक्रोश सड़कों पर फूटना तय है।













