ओम जैन
शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने गुरूवार को विधानसभा में बोलते हुए विकास के अनेक मुद्दे उठाए।
विधायक आक्या ने विधानसभा में भजनलाल सरकार द्वारा किये गये परिसीमन की सराहना करते हुए कहा की ग्राम पंचायतो, पंचायत समिति सदस्यो व जिला परिषद सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी से बेहतर विकास कार्य हो सकेगें। उन्होने नरेगा का नाम बदलकर जीरामजी करने के केंद्र सरकार के फैसले का भी समर्थन करते हुए कहा की इससे ग्राम पंचायतो में पक्के विकास के कार्य हो सकेेंगें।
विधायक आक्या ने कहा की भाजपा की वसुंधरा सरकार के दौरान ग्राम पंचायतो को गौरव पथ दिये गये थे। वर्तमान सरकार द्वारा कुछ पंचायतो को अटल पथ दिये है, सरकार को सभी ग्राम पंचायतो को अटल पथ देना चाहिए। उन्होने कहा की खेती में मजदूर नही मिल पा रहे है जीरामजी को खेती से जोड़ने पर इस समस्या का समाधान हो सकेगा। उन्होने कहा की प्रधानमंत्री आवास व मुख्यमंत्री आवास में लाभार्थी को मात्र डेढ़ लाख रूपये ही दिये जाते है इस राशी से उसके मकान का कार्य पूर्ण नही हो पाता है। लाभार्थी कर्जा लेकर अपने मकान का कार्य पूर्ण करता है अतः सरकार को राशी को बढ़ाकर ढाई से तीन लाख करना चाहिए।
विधायक आक्या ने ग्राम पंचायतो की लम्बे समय से बकाया राशी को जारी करने की मांग करते हुए कहा की राशी जारी नही होने से विकास कार्य रूके हुए है। उन्होने पंचायत समिति सदस्यों, जिला परिषद सदस्यो को भी विकास कार्य कराने के अधिकार देने व सरपंच की तर्ज पर उन्हे भी मानदेय देने की मांग की। उन्होने कहा की जिस प्रकार नगर पालिकाओ को सफाई कार्य का बजट सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है उसी प्रकार ग्राम पंचायतो को भी बजट उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
विधायक आक्या ने सदन में कहा की सरकार द्वारा समस्त ग्राम पंचायतो में गौशाला बनाने हेतु प्रस्ताव मांगे गये थे लेकिन गौशालाएं बनी नही। सरकार को समस्त ग्राम पंचायतो में गौशालाओ का शीघ्र निर्माण कराना चाहिए। सरकार को गौशालाओ में छोटी गायो पर मिलने वाले मानदेय को 25 से बढ़ाकर 50 व बड़ी गायो को मिलने वाले मानदेय राशी को 50 से बढ़ाकर 100 रूपये करने का सुझाव दिया। उन्होने कहा की चित्तौड़गढ़ में पूर्व कलक्टर आर एस गठाला ने ग्राम पंचायतो की बिलानाम भूमि को गौचर में शामिल करा दिया था। अब ग्राम पंचायतो को विकास कार्यो हेतु जमीन की आवश्यकता है अतः सरकार को 1990 की स्थिति बहाल कर गौचर में शामिल जमीनो को पुनः बिलानाम में शामिल करना चाहिए। उन्होने नई बनी ग्राम पंचायतो में हैण्डपंप, ट्यूबवैल देने की मांग की।
विधायक आक्या ने कहा की गाड़िया लौहार ने महाराणा प्रताप के साथ मिलकर मुगलो से युद्ध किया था। सरकार द्वारा गाड़िया लौहार को आवास हेतु पट्टे दिये गये है, जो काफी नही है उन्हे मकान बनाने हेतु तीन से चार लाख रूपये भी सरकार को देने चाहिए। उन्होने कहा की ग्राम पंचायतो में कार्यरत सहायक सचिवो में से कुछ को ही नियमित किया गया है शेष बचे सहायक सचिवो को भी सरकार नियमित करे। उन्होने विधायक कोष में मिलने वाले 5 करोड़ की राशी को कम बताते हुए इसे बढ़ाकर 10 करोड़ करने की मांग की।
