देवगुरु का महापरिवर्तन 2026, 02 जून से बदल सकती है आपकी किस्मत

-12 साल बाद कर्क राशि में उच्च होगा बृहस्पति, कई राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-दौलत और तरक्की के बन रहे जबरदस्त योग

शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी

स्मार्ट हलचल।ज्योतिष की दुनिया में वर्ष 2026 की सबसे बड़ी और शुभ घटनाओं में से एक 02 जून मंगलवार को घटित होने जा रही है। देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं और इसे केवल एक साधारण ग्रह परिवर्तन नहीं, बल्कि “भाग्य जागरण” का समय माना जा रहा है। लगभग 12 वर्षों बाद बनने वाला यह दुर्लभ संयोग करोड़ों लोगों के जीवन में बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है। शिक्षा, ज्ञान, धर्म, धन, विवाह, संतान, सौभाग्य और समृद्धि के कारक ग्रह बृहस्पति का कर्क राशि में प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।
भीलवाड़ा के ज्योतिषविद् आचार्य योगेंद्र शर्मा ने बताया कि अधिकमास की ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया, 02 जून 2026 को बृहस्पति चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करेगा, जहां वह सर्वाधिक प्रभावशाली स्थिति में माना जाता है। आचार्य योगेंद्र शर्मा के अनुसार वर्ष 2026 में बृहस्पति का भ्रमण मिथुन, कर्क और सिंह राशियों में रहेगा, लेकिन कर्क राशि में प्रवेश सबसे विशेष रहेगा। इससे पहले 19 जून 2014 को बृहस्पति अपनी उच्च राशि में आया था। अब 12 वर्षों बाद फिर यह दिव्य संयोग बन रहा है।
इस बार बदलाव होंगे तेज और चैंकाने वाले–
ज्योतिषविद् आचार्य योगेंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार बृहस्पति अतिचारी गति में रहेगा, इसलिए इसके प्रभाव सामान्य से अधिक तेज, गहरे और शीघ्र परिणाम देने वाले माने जा रहे हैं। कई लोगों के जीवन में अचानक रोजगार के अवसर बनेंगे, आर्थिक परेशानियां दूर होंगी और लंबे समय से रुके काम गति पकड़ेंगे। धर्म, पूजा-पाठ, दान-पुण्य, तीर्थ यात्रा और आध्यात्मिक गतिविधियों में लोगों की रुचि बढ़ेगी। परिवारों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और समाज में धार्मिक आयोजनों की संख्या भी बढ़ सकती है।
10 महीने तक बरसेगी बृहस्पति की कृपा–
बृहस्पति 31 अक्टूबर 2026 तक कर्क राशि में रहेगा। इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा, लेकिन 25 जनवरी 2027 को वक्री होकर फिर कर्क राशि में लौट आएगा और 26 जून 2027 तक यहीं भ्रमण करेगा। यानी कुल मिलाकर लगभग 10 महीनों तक उच्च राशि का प्रभाव बना रहेगा। 02 जून से 18 अगस्त 2026 तक का समय सबसे ज्यादा शुभ रहेगा क्योंकि इस दौरान बृहस्पति पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र में रहेगा। ये दोनों नक्षत्र अत्यंत मंगलकारी माने जाते हैं।
दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर!–
ज्योतिषविद् आचार्य योगेंद्र शर्मा ने बताया कि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कर्क राशि जल तत्व की राशि है, जो बृहस्पति को सबसे शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। इससे लोगों में मानसिक स्थिरता बढ़ेगी, अवसरों के नए द्वार खुलेंगे और विश्व अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग सेक्टर में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
चार राशियों के लिए बनेगा “हंस राजयोग”–
आचार्य योगेंद्र शर्मा ने बताया कि कर्क राशि में उच्च बृहस्पति चार राशियों के लिए “हंस पंचमहापुरुष योग” बनाएगा। ये राशियां हैं-मेष राशि, कर्क राशि, तुला राशि, मकर राशि। इन राशियों के जातकों को करियर, धन, प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान में बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। वहीं वृश्चिक, मकर और मीन राशि पर बृहस्पति की पूर्ण शुभ दृष्टि रहेगी, जिसे ज्योतिष में “अमृत दृष्टि” कहा गया है। इससे इन राशियों को विशेष लाभ मिलेगा।
जानिए आपकी राशि पर क्या रहेगा असर–
मेष- अचानक धन लाभ, नौकरी और व्यापार में फायदा। बाहरी संपर्कों से मदद मिलेगी।
वृष- दांपत्य जीवन में सुधार होगा। आय के नए साधन बनेंगे और भाग्य का साथ मिलेगा।
मिथुन- स्वास्थ्य में सुधार होगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और अचानक धन लाभ संभव।
कर्क- संतान पक्ष को लाभ मिलेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार और लंबी यात्रा के योग बनेंगे।
सिंह- सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। भूमि और संपत्ति से लाभ मिलने की संभावना।
कन्या- भाई-बंधुओं से तनाव कम होगा। विद्यार्थियों और संतान पक्ष के लिए शुभ समय।
तुला- भूमि-भवन से लाभ मिलेगा। परिवार में उत्साह रहेगा और विरोधी शांत होंगे।
वृश्चिक- मन में उत्साह बढ़ेगा। अपनों का सहयोग मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
धनु- विदेश जाने के योग बन सकते हैं। बाहरी संबंधों से फायदा और सुख-साधनों में वृद्धि।
मकर- स्वास्थ्य में सुधार होगा। आय बढ़ेगी और परिवारिक रिश्तों में मधुरता आएगी।
कुम्भ- व्यापार और नौकरी में शुभ परिणाम मिलेंगे। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रहेगा।
मीन- स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे।
ज्योतिषविद् आचार्य योगेंद्र शर्मा ने बताया कि ज्योतिष जगत में माना जा रहा है कि 02 जून 2026 से शुरू होने वाला यह समय कई लोगों की जिंदगी में नई उम्मीद, नई ऊर्जा और नई दिशा लेकर आएगा। जिन लोगों का भाग्य लंबे समय से रुका हुआ महसूस हो रहा था, उनके लिए अब “देवगुरु” नई राह खोल सकते हैं।