देवनारायण धाम में आस्था का सैलाब: हाथी पर सवार संत, 51 कलशों के साथ निकली शोभायात्रा

मंगरोप।मंगरोप कस्बे से करीब 3 किलोमीटर दूर बनास नदी किनारे बसे दरी (जूनावास) के 513 साल प्राचीन देवनारायण मंदिर में शुक्रवार से भव्य धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। यज्ञ सम्राट राजऋषि गंगादास नागा के सानिध्य में 51 कुंडीय नव दिवसीय श्री विष्णु देवनारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। आयोजन को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।सुबह 10 बजे मंदिर परिसर से भव्य जल कलश यात्रा निकाली गई। गंगादास जी महाराज हाथी पर सवार होकर श्रद्धालुओं के साथ दरी गांव होते हुए झोपड़ियां स्थित लोकदेवता उदमा देवजी के मंदिर पहुंचे।यहां यज्ञाचार्य पंडित विकास शास्त्री ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ कलशों का पूजन कराया।इसके बाद महिलाओं ने 51 कलश सिर पर धारण कर भव्य शोभायात्रा निकाली।यात्रा में चार घोड़ों पर सवार संत,सामाजिक कार्यकर्ता और सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा झोपड़ियां गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची।जहां वैदिक रीति से कलश स्थापना की गई। इसके पश्चात यज्ञाचार्य एवं अन्य पांच पंडितों ने दशविधि स्नान,प्रायश्चित हवन,पंचांग पूजन,वरुण पूजन,नांदी श्राद्ध,मंडप प्रवेश और अग्नि स्थापना जैसे प्रमुख अनुष्ठान सम्पन्न कराए।शाम को विशाल सामूहिक भोज का आयोजन हुआ,जिसमें 51 गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।मंदिर के मुख्य पुजारी रतनलाल गुर्जर और हजूरिया गोपाल बैरवा ने बताया कि 3 अप्रैल से 11 अप्रैल तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।प्रतिदिन शाम को प्रसिद्ध भजन गायक कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी।
आयोजन की खास बात यह है कि उदयपुर के महाराज डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भी आगामी दिनों में कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।उन्हें गंगादास जी महाराज सहित ग्रामीणों ने उदयपुर जाकर आमंत्रित किया है।आयोजन में करीब 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है।साथ ही प्रदेशभर से 101 संतों और 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।मंदिर परिसर में मेले का भी आयोजन किया गया है,जहां खाने-पीने की दुकानों,खिलौनों के स्टॉल और विशाल झूले-चकरियां आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
पूरे आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ मेले जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।