भक्ति, संस्कृति और सनातन परंपरा का संगम: निंबाहेड़ा में 1 से 9 मई तक संगीतमय श्रीराम कथा

निंबाहेड़ा, 28 अप्रैल 2026

स्मार्ट हलचल|सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत करते हुए निंबाहेड़ा क्षेत्र एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होने जा रहा है। श्री पंच दश नाम जूना अखाड़ा, 13 मड़ी कपूर थला परिवार के तत्वावधान में पूज्य गुरुदेव महंत श्री हरि ओम गिरी जी महाराज के सानिध्य में 9 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।यह पुण्य आयोजन स्वर्गीय श्री नानूरामजी, स्वर्गीय श्रीमती मोहनी बाई तथा स्वर्गीय श्री नारायणजी एवं श्रीमती रतनी बाई की पावन स्मृति को समर्पित है। कथा का आयोजन 1 मई से 9 मई 2026 तक श्री मोड़का बालाजी आश्रम, रानीखेड़ा चौराहा, तहसील निंबाहेड़ा में अत्यंत श्रद्धा एवं भव्यता के साथ संपन्न होगा।

*धार्मिक आयोजन का आध्यात्मिक महत्व*
श्रीराम कथा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का मूल आधार मानी जाती है, जो मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश देती है। इस कथा के माध्यम से श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को सुनकर आत्मिक शांति एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।

इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं आध्यात्मिक जागरूकता का वातावरण निर्मित होगा, जिससे नई पीढ़ी को भी संस्कारों का अमूल्य संदेश प्राप्त होगा।

*प्रख्यात कथा वाचक का सानिध्य*
इस नौ दिवसीय कथा का वाचन सुप्रसिद्ध एवं श्रद्धेय कथा वाचक पंडित श्री केदार जी महाराज (आनंद धाम, खामोर, भीलवाड़ा) द्वारा किया जाएगा। उनकी मधुर वाणी, भावपूर्ण शैली और गूढ़ आध्यात्मिक व्याख्या श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर देगी।

*कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा (दिनवार आयोजन)*

1 मई (प्रारंभ दिवस):
मंगलाचरण, नाम महिमा एवं भव्य कलश यात्रा प्रातः 8 बजे से प्रारंभ, जिसके साथ कथा का शुभारंभ होगा,2 मई:भगवान शिव के पावन चरित्र का विस्तृत वर्णन,3 मई:भगवान श्रीराम के जन्म का दिव्य प्रसंग एवं भव्य जन्मोत्सव,4 मई:श्रीराम की बाल लीलाएं, माता अहिल्या उद्धार एवं जनकपुर दर्शन,5 मई:पुष्प वाटिका प्रसंग, धनुष भंग एवं श्री सीताराम विवाहोत्सव का उत्सवमय आयोजन,6 मई:श्रीराम का वन गमन एवं केवट प्रसंग की भावपूर्ण प्रस्तुति,7 मई,भरत चरित्र—भक्ति, त्याग और भाईचारे का अद्वितीय उदाहरण,8 मई:शबरी, जटायु सहित अन्य भक्तों की कथाएं, हनुमान चरित्र एवं तुलसी विवाह प्रसंग एवं 9 मई (समापन दिवस): पूर्णाहुति, महाप्रसाद वितरण,सीता खोज, रावण वध एवं भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक।

*समय एवं व्यवस्था*
कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 11:30 बजे से 3:00 बजे तक किया जाएगा। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समुचित तैयारी की जा रही है।

*आयोजन समिति की अपील*
आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से इस पावन कथा में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता निभाने, कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने तथा धर्म एवं संस्कृति के इस महोत्सव को सफल बनाने की अपील की है।

*भक्ति और समरसता का संदेश*
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी देगा। श्रीराम कथा के माध्यम से जीवन में आदर्श, मर्यादा और सेवा भाव को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी, जो समाज को सशक्त और संस्कारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।