भीलवाड़ा। श्रमण संघीय प्रवर्तक गुरुदेव सुकुन मुनि म.सा. आदि ठाणा 5 ने फरमाया कि धर्म मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने का कार्य करता है, जबकि अधर्म व्यक्ति को पतन और दुःख की ओर ले जाता है। मनुष्य यदि अपने जीवन में धर्म, संयम और सदाचार को अपनाए तो उसका जीवन सफल और सार्थक बन सकता है। वे मेन सेक्टर शास्त्रीनगर स्थित राजेंद्र-पुष्पा गोखरू निवास पर आयोजित प्रार्थना व धर्मचर्चा में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज के समय में भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में मनुष्य अपने मूल धर्म और संस्कारों से दूर होता जा रहा है, जिसके कारण जीवन में अशांति और तनाव बढ़ रहा है। यदि व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चले, तो जीवन में शांति, संतोष और आनंद की प्राप्ति होती है।
उपप्रवर्तक अमृत मुनि म.सा. ने फरमाया कि धर्म केवल पूजा-पाठ या अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। धर्म हमें सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा जैसे उच्च मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरों के प्रति दया, प्रेम और सद्भाव रखता है, वही सच्चे अर्थों में धर्म का पालन करता है। मुनिश्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाएं, बुराइयों से दूर रहें और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं मानवता का संदेश फैलाएं। धर्म के मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति आत्मिक शांति प्राप्त कर सकता है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। जैन कॉन्फ्रेंस राष्ट्रीय महिला शाखा की निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती पुष्पा गोखरू, समाजसेवी राजेंद्र गोखरू ने मुनिवृंद का स्वागत-अभिनंदन करते हुए कहा कि आज गुरुदेवों के चरणों की रज से हमारा घर-आंगन पवित्र और धन्य हो गया है। उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य मिलना अत्यंत सौभाग्य की बात है तथा उनके प्रवचनों से जीवन में सकारात्मक दिशा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने उपस्थित विभिन्न संघों के पदाधिकारियों व समाजजनों का आभार व्यक्त किया। मनीष बम्ब ने बताया कि धर्मचर्चा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित होकर मुनिश्री के प्रवचनों का लाभ लिया और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। धर्मचर्चा के पश्चात गुरुदेव सुकुन मुनि आदि ठाना 5 ने स्वाध्याय भवन न्यू आजाद नगर में प्रवेश किया। इस दौरान शांति भवन श्री संघ, अहिंसा भवन श्री संघ, न्यू आजाद नगर श्री संघ के पदाधिकारीगण, शरदचंद गोखरू, महेंद्र गोखरू, निर्मल खजांची, प्रदीप सांखला, विनोद जैन, महेंद्र छाजेड़, किरण सेठिया, सुशील चपलोत, कांतिलाल जैन, अशोक पोखरना, प्रमिल सिसोदिया, अरविंद जामड़, राजेश बाफना, प्रवीण कोठारी, राहुल कोठारी, संजय काकरिया, मंजू पोखरना, लाड मेहता, मधु जाजू, सोनल मेहता, निर्मला बूलिया, शकुंतला सांखला, मनीषा खजांची, देवकुमारी गोखरू, कंचन देवी, अल्का बम्ब, सुशीला छाजेड़, प्रतिभा बम्ब, मधु लोढ़ा, किरण सेठी, मंजू खटवाड़, अरुण पोखरणा, प्रमिला जैन, शकुन्तला सकलेचा सहित कई श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे।
