राधाकिशनपुरा में स्वतंत्रता दिवस पर प्रसादी में गड़बड़ी, आक्रोशित ग्रामीणों ने वापस लौटाई बूंदी

नरेश कुरेडा

पीपलू। स्मार्ट हलचल|स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर उपखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय राधाकिशनपुरा में बच्चों के लिए बांटी जाने वाली प्रसादी (बूंदी) में भारी कटौती का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत की ओर से स्कूली बच्चों के लिए आवंटित की गई 10 किलो बूंदी में से केवल 2 किलो बूंदी ही मौके पर पहुंची, जिससे ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गए।

*10 किलो की जगह मिली सिर्फ 2 किलो बूंदी*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत की तरफ से विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए प्रसादी के रूप में 10 किलो बूंदी आवंटित की गई थी। पंचायत प्रशासक द्वारा यह 10 किलो बूंदी गांव के ही एक वार्ड मेंबर (सदस्य) को सुपुर्द की गई थी। लेकिन जब राष्ट्रीय पर्व का मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ और बच्चों को प्रसादी वितरण की बारी आई, तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। 10 किलो के पैकेट की जगह बच्चों को बांटने के लिए सिर्फ 2 किलो बूंदी ही उपलब्ध कराई गई।

*ग्रामीणों ने जताया विरोध, मेंबर पर अपशब्द कहने का आरोप*
जब विद्यालय परिसर में मौजूद गांव के प्रबुद्ध लोगों और अभिभावकों ने प्रसादी की मात्रा में इतनी बड़ी कमी देखी, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पंचायत प्रशासक को दी। हालांकि, पंचायत प्रशासक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने वह 2 किलो बूंदी वापस पंचायत भवन भिजवा दी।मामला तब और बिगड़ गया जब पंचायत से वह प्रसादी दोबारा स्कूल भेजी गई। ग्रामीणों ने जब फिर से इसका विरोध किया, तो संबंधित वार्ड मेंबर प्रसादी को वापस उठाकर अपने घर ले गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान मेंबर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग भी किया।

*ग्रामीणों और प्रधानाध्यापक ने की शिकायत, की कारवाई की मांग*
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय राधाकिशनपुरा के प्रधानाध्यापक पूरणमल बैरवा और समस्त ग्रामवासियों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर अजय गुर्जर, नन्दराम, छोटू, मदन लाल, पन्ना लाल और भैंरु गुर्जर सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों के हक की प्रसादी में हेराफेरी करने वाले और ग्रामीणों से दुर्व्यवहार करने वाले जनप्रतिनिधि के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।