सीताराम माली
हनुमाननगर । राजकीय उप जिला चिकित्सालय देवली के परिसर में संचालित सहकारी उपभोक्ता भंडार (फार्मा स्टोर) में आरजीएचएस योजना के तहत बड़ी वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देवली अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार गुप्ता ने हनुमान नगर थाने में स्टोर प्रबंधक और फार्मासिस्ट सहित पांच लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करवाई है। यह कार्रवाई वित्त विभाग के अधीन गठित QCPA द्वारा की गई जांच और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टोंक के निर्देशों के बाद की गई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया कि जांच के दौरान फार्मा स्टोर पर एक डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी राजकीय चिकित्सालय देवली के नाम की फर्जी रबर सील बरामद हुई हैं। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि फार्मा स्टोर पर कई लाभार्थियों के मूल आरजीएचएस कार्ड अवैध रूप से रखे हुए थे। इसके अलावा वहां एक ऐसा रजिस्टर भी मिला जिसमें कार्ड धारकों के साथ दवाइयों के लेन-देन का संदिग्ध हिसाब-किताब दर्ज था। हनुमान नगर पुलिस ने पीएमओ डॉ. राजकुमार गुप्ता की रिपोर्ट पर सहकारी उपभोक्ता प्रबंधक टोंक, फार्मासिस्ट आयुष नागर, भरत नागर, विनोद शर्मा और साहिल अंसारी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने 21 पेज की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। मामले का अनुसंधान स्वयं थानाधिकारी गणेश द्वारा किया जा रहा है।













