चंबल पाइप लाइन लीकेज से 25 दिन से पानी को तरसे ग्रामीण, विभागीय लापरवाही पर फूटा आक्रोश
रिपोर्टर सुरज वर्मा
स्मार्ट हलचल|फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र के रलायता गांव में इन दिनों पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। चंबल पेयजल परियोजना की आपूर्ति बाधित होने और जलदाय विभाग की उदासीनता के चलते ग्रामीणों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जलदाय विभाग का वर्षों पुराना कुआं पर्याप्त पानी से भरा हुआ है तथा उससे पूरे गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन भी बिछी हुई है, लेकिन विभाग द्वारा लंबे समय से इस जल स्रोत का उपयोग नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले चंबल परियोजना से 8 से 10 दिन के अंतराल में पानी की आपूर्ति हो जाती थी, लेकिन वर्तमान में चंबल पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण पानी सड़क पर बह रहा है और घरों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा। स्थिति यह है कि पिछले 20 से 25 दिनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो सकी है, जिससे लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 183 सहित जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में स्थित बंद पड़े जलदाय विभाग के कुएं की तकनीकी जांच कर उसे तत्काल चालू किया जाए, ताकि उपलब्ध स्थानीय जल स्रोत का उपयोग कर गांववासियों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि जब गांव में पर्याप्त पानी और तैयार पाइपलाइन उपलब्ध है तो उसका उपयोग नहीं करना समझ से परे है।
ग्रामीण विनोद कुमार पंडा, गोपाल भील, रामलाल गुर्जर, खाना, भेरूलाल एवं किशनलाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने फूलियाकलां में आयोजित जनसुनवाई के दौरान स्थानीय विधायक डॉ. लालाराम बैरवा को भी मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला।ग्रामीणों ने जलदाय विभाग से चंबल पाइपलाइन की लीकेज को शीघ्र ठीक कराने तथा बंद पड़े कुएं से तत्काल जलापूर्ति शुरू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
