12 दिवसीय गणेश महोत्सव के तहत 500 इको फ्रेंडली गणपति प्रतिमाएं बनकर तैयार

पर्यावरण संरक्षण को लेकर मिट्टी गोबर की गणेश प्रतिमा भी बनवाई

भीलवाड़ा 3 सितंबर
स्मार्ट हलचल|श्री गणेश उत्सव प्रबंध एवं सेवा समिति के तत्वाधान गणेश महोत्सव की समरसता के तहत छोटी व बड़ी 500 गणपति प्रतिमाएं बनाकर तैयार कर ली गई है इस बार समिति ने पोन फीट की मिट्टी व गोबर से भी तैयार करवाई हैसमिति अध्यक्ष उदय लाल समदानी ने बताया कि 14 सितंबर सोमवार से 25 सितंबर शुक्रवार तक 12 दिवसीय मनाया जाने वाले गणेश महोत्सव के लिए मूर्ति निर्माण का कार्य समिति ने पूरा कर लिया है इंदौर से आए मूर्तिकारों ने इस बार भी इको फ्रेंडली प्रतिमाए तैयार करवाई गई, जिसमें चीनी मिट्टी, जूट एवं प्राकृतिक कलर से गणपति प्रतिमाओं को आकर्षक रूप से अंतिम रूप दिया गया, बाल गंगाधर तिलक द्वारा शुरू किया गया गणेश महोत्सव की समरसता के तहत एक ही मंच पर सभी धर्म के लोगों द्वारा इस बार 12 दिवसीय उत्सव मनाया जाएगा
समिति कोषाध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने बताया कि समिति द्वारा गणपति की प्रतिमाओं का पंजीयन 12 सितंबर तक किया जाएगा गणपति की प्रतिमाएं अपना घर वृद्धाश्रम, आरसी व्यास कॉलोनी में अपना पंजीयन कराकर गणपति की प्रतिमाएं बुक करा सकेंगे

 

गोबर व मिट्टी की गणपति प्रतिमाएं भी पोन फिट कि मिलेगी

आस्था संग पर्यावरण संरक्षण की नई मिसाल

समिति को पंजीयन कराने पर गोबर व मिट्टी से बनाए गए गणपति बप्पा की पोन फिट कि प्रतिमाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी 10 सितंबर तक पंजीयन कराने पर गोबर व मिट्टी से आकर्षक गणपति की मूर्तियां तैयार करवाई गई है आजकल बाजार में मिलने वाली प्लास्टर ऑफ पेरिस और चीनी से निर्मित गणपति मूर्तियां जल प्रदूषण बढ़ा रही है इसी को ध्यान में रखते हुए समिति ने इको फ्रेंडली मूर्तियां भी विशेष रूप से ध्यान दिया गया है पूजा के बाद विसर्जन गमले या खेतों में करने पर इसमें मौजूद तुलसी व अन्य के बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं इस प्रकार भक्तों की आस्था का फल पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करता है गौ सेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है