ED ने ‘किडनी-फाइल्स’ खोली तो गाजियाबाद से लेकर केरल तक हॉस्पिटल्स सेक्टर में बेचैनी है। NBT ने 18 जून को ED की जांच के बढ़ते दायरे में बारे में विस्तार से बताया था। रविवार को खुद जांच एजेंसी ने मानव अंगों के इस कारोबार में चौंकाने वाला खुलासा किया। ED के मुताबिक, इस नेटवर्क में इंसानी मजबूरी को ‘माल’ और अंगों को ‘कारोबार’ में बदल दिया गया। केरल में सामने आए बड़े अवैध अंग तस्करी रैकेट की जांच कर रही ED ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाए हैं, जो भयावह तस्वीर सामने ला सकते हैं।
ED सूत्रों ने बताया कि एर्नाकुलम के कुछ डीटीपी और डिजिटल स्टूडियो में ये दस्तावेज तैयार किए जाते थे।
इन्हीं के आधार पर अस्पतालों में प्रत्यारोपण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता था।
छापेमारी में कथित तौर पर प्रत्यारोपण से जुड़े रिकॉर्ड, दाताओं और प्राप्तकर्ताओं का विवरण, जिलास्तरीय प्राधिकरण समिति के समक्ष जमा किए गए दस्तावेज और कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 2021 से 2026 के बीच सक्रिय रहे इस कथित गिरोह के मास्टरमाइंड मोहम्मद नजीब और उसकी सहयोगी रशीदा थे।
आरोप है कि दोनों ने अपनी कंपनी ‘कल्लाथारास मेडिकल टूरिज्म’ की आड़ में ऐसा नेटवर्क खड़ा किया, जो आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को निशाना बनाता था।
जांच में सामने आया कि कथित एजेंट और बिचौलिए गरीबों को 5 से 15 लाख रुपये का लालच देकर किडनी दान के लिए तैयार करते थे।
जबकि जरूरतमंद मरीजों से 20 से 35 लाख रुपये तक रकम वसूली जाती थी।
जांच एजेंसी इस नेटवर्क से अर्जित की गई काली कमाई का पता लगा रही है। कई बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं।
कहां से खुला केस?
यह रैकेट सबसे पहले कोल्लम सिटी पुलिस की जांच में सामने आया था। एजेंट श्रीजा और सुधीर नाम के दो लोगों को पैसों के लिए ऑर्गन डोनेशन का इंतजाम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। विनोद नाम के एक डोनर को भी गिरफ्तार किया गया। एक आरोपी से मिले डिजिटल सबूतों से एर्नाकुलम में किए गए ऑर्गन ट्रांसप्लांट की डिटेल्स सामने आईं, जिससे और गिरफ्तारियां हुईं और जांच का दायरा बढ़ा। शक है कि मास्टरमाइंड नजीब की फर्म ने गैर-कानूनी ट्रांसप्लांट को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई और पिछले पांच सालों में लगभग 40 से अधिक प्रोसीजर में शामिल रही। अब एक पैरेलल मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रैकेट से कितना पैसा आया। सर्च जारी है।
