हंसराज मीणा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बूंंदी ने आदेश जारी कर विकास शुल्क के नाम पर ली जा रही अवैध वसूली पर लगाई रोक

हंसराज मीणा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बूंंदी ने आदेश जारी कर विकास शुल्क के नाम पर ली जा रही अवैध वसूली पर लगाई रोक

स्मार्ट हलचल, राजकुमार राठौड़

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के इस आदेश का बच्चों के अभिभावकों ने किया स्वागत

बूंंदी-महात्मा गांधी विद्यालय बालचंद पाड़ा बूंदी द्वारा विकास के नाम पर ली जाने वाली 500/-प्रति छात्र अवैध रूप से ली जाने वाली राशि पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच के बाद लगाई गई रोक का अभिभावकों ने स्वागत किया है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का इस प्रकार के कठोर निर्णय लेने का बूंदी की जनता ने भी स्वागत किया है।

किसी भामाशाह से अनुदान व सहयोग लेने पाबंदी नहीं लगाई गई है रोक लगाई गई है बच्चों के अभिभावकों से जबरन पैसा वसूली की। अनुदान इच्छा से दिया जाता है जबरदस्ती नहीं लिया जा सकता। क्योंकि निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार, 6 वर्ष से 14 वर्ष की आयु तक प्रत्येक बालक को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष से महात्मा गांधी विद्यालय अंग्रेजी माध्यम बालचंद पाड़ा बूंंदी द्वारा अवैध तरीके से विकास शुल्क के नाम पर लिए जा रहे शुल्क का अभिभावकों द्वारा विरोध किया जाने पर भी, इस वर्ष प्रधानाचार्य के माध्यम से स्कूल के बच्चों के अभिभावकों को मोबाइल पर यह मेसेज डाला।

“जिसमें लिखा गया कि कक्षा 2 से 8:00 तक के समस्त पुर्व विद्यार्थीयों को सूचित किया जाता है कि एसडीएमसी के निर्णय अनुसार शाला विकास हेतु निश्चित अनुदान राशि 500रू विद्यालय में कार्यालय समय प्रातः 9.00 से 12.00 तक जमा करवाना सुनिश्चित करें।”

शिकायत मिलने पर हंसराज मीणा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा महात्मा गांधी बालचंद पाड़ा स्कूल का निरीक्षण किया जिसमें बच्चों के अभिभावकों को अवैध रूप से मैसेज डाला जाना, नियमों के विरुद्ध होने पर। आदेश जारी कर ,अवैध रूप से विकास शुल्क के नाम पर की जा रही वसूली पर रोक लगा दी। जिससे एसडीएमसी के कुछ सदस्य खफा हो गए। जबकि यह समिति भी वैधानिक तरीके से नहीं बनाई गई, समिति में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा भी अपनी ओर से प्रतिनिधि नियुक्त किया जाता है जो इस समिति में नहीं होना पाया गया। जिस कारण यह समिति ही अवैधानिक है। इसलिए जांच के दौरान ही मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाचार्य को यह बता दिया गया था कि मैं इस समिति को नहीं मानता।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने कहा ,यह एक राजकीय विद्यालय है यहां पर निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के हर बच्चे को है। बच्चों के अभिभावकों से इस तरह मनमाना और जबरदस्ती विकास शुल्क के नाम पर लिया गया पैसा उक्त आदेश को चैलेंज कर रहा है

लेकिन फिर भी महात्मागांधी विद्यालय अंग्रेजी माध्यम बालचंद पाड़ा, के कुछ अध्यापक प्रधानाचार्य के माध्यम से सरकार के आदेशों की खुल्लम खुल्ला धज्जियां उड़ा कर स्कूल ओर स्कूल के प्रधानाचार्य को बदनाम करने पर तुले हुए हैं।

गत वर्ष प्रति छात्र 1000 रू विकास शुल्क के नाम पर लिए गए थे। जिसका गत वर्ष भी भारी विरोध हुआ था लेकिन स्कूल प्रबंधन की दादागिरी के आगे किसी भी अभिभावक कि नहीं चल पाई। नहीं जमा कराने पर कभी रिजल्ट रोकने की धमकी देते हैं तो कभी राशन किट और किताबें नहीं देने की बात इस स्कूल के अध्यापक करते हैं। कुछ अध्यापक तो अभिभावकों से यहां तक कह देते हैं कि‌ विकास शुल्क जमा नहीं किया तो आपके बच्चों की शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। अब आप ही बताएं कि यह सरकारी स्कूल है या कोई प्राइवेट दुकान।

गत वर्ष प्रति छात्र लिए गए 1000 रुपए से विकास शुल्क के नाम पर एकत्रित की गई राशि का, जबरदस्त दुरुपयोग किया गया यह खुलासा हुआ सूचना के अधिकार के तहत ली गई जानकारी में। जिसकी जांच अभी जारी है।

पूर्व में भी किसी अभिभावक ने स्वेच्छा से पैसा नहीं दिया। स्कूल प्रबंधन ने जबरदस्ती,डराकर, विकास शुल्क के नाम पर लिया और अभी भी इसी प्रकार लिया जा रहा था जिसे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने गलत ठहराते हुए आदेश जारी किया कि किसी बच्चे के अभिभावक से पैसा विकास शुल्क के नाम पर नहीं लिया जाए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने भामाशाह से सहयोग और अनुदान लेने पर रोक नहीं लगाई उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से अनावश्यक और अवैध रूप से की जा रही वसूली पर रोक लगाई है।
पूर्व की एकत्रित राशि बच्चों के अभिभावकों से अवैध तरीके से ली गई थी ,जिसको इन व्यवस्थाओं में खर्च करना बताया है जो गलत है।स्कूल के बिजली का बिल, फर्नीचर , शौचालय निर्माण फाइबर कनेक्शन, भवन मरम्मत, स्पोर्ट्स सामग्री, बकाया नल बिजली के बिल , सफाई व्यवस्था,पुराने भवन का बिजली कनेक्शन यह सब बच्चों के अभिभावकों के माथे नहीं है।
प्रधानाचार्य महात्मा गांधी विद्यालय अंग्रेजी माध्यम बालचंद पाड़ा से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया
अनीता चौहान
प्रधानाचार्य महात्मा गांधी
बालचंद पाड़ा विद्यालय अंग्रेजी माध्यम बूंदी

मैंने भामाशाह से अनुदान लेने और सहयोग लेने पर रोक नहीं लगाई है मैंने केवल बच्चों के अभिभावकों से विकास के नाम पर तरीके से लिए जा रहे पैसे पर रोक लगाई है।

हंसराज मीणा
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बूंदी

किसी भी स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक स्कूल में अध्यनरत बच्चों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा सकता और ना ही अभिभावकों से, वैसे भी बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में दिया गया है।

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