तंबाकू नियंत्रण कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, अवैध हुक्का बार व ई-सिगरेट पर होगी सख्त कार्रवाई: एसपी रतन सिंह राठौड़

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलहल|जिले में युवा पीढ़ी को नशे और तंबाकू उत्पादों के सेवन से बचाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में एसपी रतन सिंह राठौड़ के आदेशानुसार एक विशेष आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा अवैध हुक्का बार और ई-सिगरेट के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाना है। पुलिस विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षित रोजगार केंद्र प्रबंधक समिति (SRKPS) राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

कोटपा अधिनियम की धाराओं की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद SRKPS राजस्थान के राज्य समन्वयक हिरेंद्र सेवदा ने ‘सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम’ (COTPA-2003) के कानूनी प्रावधानों को विस्तार से समझाया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कानून का उल्लंघन होने पर की जाने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में बताया:

धारा 4: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

धारा 5: तंबाकू उत्पादों के किसी भी प्रकार के विज्ञापन और प्रचार-प्रसार पर रोक है।

धारा 6 (अ): नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचना दंडनीय अपराध है।

धारा 6 (ब): शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है।

धारा 7: तंबाकू उत्पादों के पैकेट्स पर अनिवार्य रूप से बड़ी और स्पष्ट चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी प्रदर्शित होनी चाहिए।

एसपी ने दिए कड़े निर्देश
कार्यशाला के दौरान पुलिस अधीक्षक रतन सिंह राठौड़ ने सभी थानाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कोटपा एक्ट-2003 की धाराओं (4, 5, 6 अ, ब और 7) की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध रूप से हुक्का बार या ई-सिगरेट बेचने वालों के खिलाफ तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

तंबाकू मुक्ति के लिए जिला अस्पताल में परामर्श उपलब्ध
कार्यशाला के समापन पर ब्यावर के तंबाकू उपचार मुक्ति केंद्र से आईं डॉ. कंचन ने सामाजिक सरोकार से जुड़ा संदेश दिया। उन्होंने अपील की कि जो भी व्यक्ति तंबाकू, बीड़ी या सिगरेट की लत से परेशान है और इसे छोड़ना चाहता है, वह जिला अस्पताल में स्थित तंबाकू उपचार मुक्ति केंद्र पर आकर विशेषज्ञों से आवश्यक और निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकता है।