ब्यावर में ईद की धूम: बड़ी ईदगाह में उमड़ा आस्था का सैलाब, अमन-चैन के लिए उठे हजारों हाथ

अनिल कुमार

ब्यावर। स्मार्ट हलचल|शहर में शनिवार को ईद-उल-फितर का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास, सादगी और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। माह-ए-रमजान के 30 रोजों के बाद शनिवार सुबह जैसे ही मस्जिदों और ईदगाहों से ‘अल्लाह-हू-अकबर’ की सदाएं गूंजी, पूरा शहर ईद की खुशियों में सराबोर हो गया।

*मुख्य नमाज में उमड़ी हजारों की भीड़*

चांगचित्तार रोड स्थित बड़ी ईदगाह में मुख्य नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना सैय्यद इरफान मोहम्मद के सानिध्य में हजारों अकीदतमंदों ने सफों में खड़े होकर खुदा की बारगाह में सजदा किया। नमाज के बाद मौलाना ने मुल्क में खुशहाली, भाईचारे और शांति के लिए दुआ मांगी। नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर ‘ईद मुबारक’ कहा।

*बाजारों में देर रात तक रही रौनक*

ईद से एक दिन पहले शुक्रवार को चांद दिखाई देने के बाद शहर के बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं थी।
*प्रमुख खरीदारी* : सेवइयों, कपड़ों, इत्र और जूतों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ रही।

*व्यापारियों का उत्साह* : कई मुस्लिम व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर परिवार के साथ खरीदारी का आनंद लिया।

*घरों में पकवान* : महिलाओं ने घरों में विशेष तौर पर शीर-खुरमा और विभिन्न पकवान तैयार किए।

*गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल*

नमाज के बाद ईदगाह के बाहर सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा नजारा देखने को मिला। भाजपा और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम भाइयों को गले लगाकर मुबारकबाद दी। नेताओं ने कहा कि ब्यावर की यह परंपरा रही है कि यहाँ हर त्योहार मिल-जुलकर मनाया जाता है।

“यह ईद केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि समाज में एकता और शांति का संदेश है।” — इमाम मौलाना सैय्यद इरफान मोहम्मद