महिलाओ ने एक वर्ष में 24 एकादशी का व्रत किया सफल

विनोद वैष्णव

पंडेर। उपखंड क्षेत्र के टीठोडा माफी में सात महिलाए द्वारा एकादशी व्रत का 1 वर्ष 5 जुलाई सोमवार को सम्पूर्ण होने पर सोमवार को महिलाओ द्वारा श्री चारभुजा नाथ के पोशाक बनवाई गई जिसकी लागत 6 हजार रुपए आई जिसको मंत्रोचार के साथ भगवान श्री चारभुजा नाथ को पुजारी द्वारा धारण करवाई गई व सोमवार रात्रि को श्री चारभुजा नाथ मंदिर में भजन कीर्तन किया गया व मंगलवार को महिला मंडल की और से छोटे छोटे बच्चे को भोजन करवाया गया । महिला मंडल की टीम में । अयोध्या वैष्णव,संतोष वैष्णव,सरोज जाट,सावत्री देवी लोहार,सोनिया जाट,मनभर जाट,कमला वैष्णव व सरोज जाट ने बताया की एकादशमी व्रत का उपवास व्यक्ति को अर्थ काम से ऊपर उठकर मोक्ष और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है एकादशी उपवास के समय सभी तरह के अन्न का सेवन करना वर्जित होता हे व एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस दिन विष्णु के भक्त व्रत रखकर श्रद्धा पूर्वक अपने आराध्य देव भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करते हैं हर महीनें में एकादशी तिथि दो बार पड़ती है. इस दिन भगवान नारायण को समर्पित व्रत रखा जाता है. सभी एकादशी व्रत के नाम और महत्व अलग अलग होते हैं. आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है. इस बार योगिनी एकादशी 5 जुलाई 2021 को पड़ रही है.महाभारतकाल में भगवान श्रीकृष्ण ने योगिनी एकादशी व्रत को लेकर कहा है कि ये व्रत 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर फल देने वाला है.

इसके अलावा मान्यता है कि इस व्रत को पूरी श्रद्धा से करने से तमाम पाप मिट जाते हैं. यहां त​क कि कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को भी रोग मुक्ति मिल जाती है. योगिनी एकादशी का व्रत रहने वाला धरती के सभी सुखों को प्राप्त करता हुआ, अंत में श्रीहरि के चरणों में स्थान प्राप्त करता है. लेकिन इस व्रत को पूरी श्रद्धा और नियम के साथ करना चाहिए. तभी ये व्रत फलित होता है.

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