मदन मोहन गर्ग
गंगापुर सिटी।स्मार्ट हलचल|शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रशासन की ओर से शुरू की गई कार्रवाई का दूसरे दिन तीखा विरोध देखने को मिला। कचहरी रोड और मालगोदाम रोड पर नालियों के ऊपर बनी तीन से चार फीट ऊंची दासाबंदी को तोड़े जाने से व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। व्यापारियों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना की गई इस कार्रवाई से उन्हें लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नालियों के ऊपर बनी दासाबंदी कोई अतिक्रमण नहीं है, बल्कि यह ग्राहकों के आने-जाने की सुविधा के लिए बनाई गई थी। उनका तर्क है कि यातायात सड़क पर चलता है, नाले के ऊपर नहीं। यदि दासाबंदी नहीं होगी तो ग्राहक दुकानों तक कैसे पहुंचेंगे। अचानक तोड़फोड़ से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है और ग्राहकों की आवाजाही बाधित हो गई है। शनिवार को निवर्तमान पार्षद कृष्ण कुमार गोयल कुबेर , संजय मेडिकल सहित कई व्यापारियों ने एक स्वर में प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। व्यापारियों ने कहा कि यदि नाली खुली है और जल निकासी बाधित नहीं हो रही, तो दासाबंदी को अतिक्रमण बताकर तोड़ा जाना उचित नहीं है। जहां-जहां दासाबंदी तोड़ी गई है, वहां प्रशासन स्वयं अपने खर्चे पर पुनर्निर्माण कराए और इस तरह की मनमानी पर रोक लगाए। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में आवारा पशुओं की समस्या गंभीर बनी हुई है। कई स्थानों पर सीवरेज के गड्ढे खुले पड़े हैं, सड़कों की नियमित सफाई नहीं होती और वार्डों की नालियां अवरुद्ध हैं। इन मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय प्रशासन व्यापारियों को परेशान कर रहा है। व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो सभी दुकानदार अनिश्चितकालीन बाजार बंद कर अपनी दुकान की चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे। मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है और आने वाले दिनों में प्रशासन व व्यापारियों के बीच वार्ता की संभावना जताई जा रही है।
