मनरेगा की विफलताओं का अंत, अब ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार; सीएम भजनलाल शर्मा ने की ‘वीबी जी राम जी योजना’ की शुरुआत

राजस्थान में विकास की नई गंगा: मुख्यमंत्री ने मसूदा (ब्यावर) से किया राज्य स्तरीय जन सम्मेलन का शुभारंभ; देवमाली गांव को मिली 2 करोड़ की सौगात

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।ग्रामीण भारत के विकास और किसानों-मजदूरों की समृद्धि के लिए देश में एक नए युग की शुरुआत हुई है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आंध्र प्रदेश के तिरूपति से राष्ट्रीय स्तर पर ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना’ (वीबी जी राम जी योजना) के शुभारंभ के बाद, राजस्थान में भी इसका भव्य आगाज हो चुका है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ब्यावर जिले के मसूदा कृषि उपज मण्डी में आयोजित राज्य स्तरीय जन सम्मेलन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जुड़कर इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रदेश में शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने करीब 424 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया और ग्रामीणों को बड़ी सौगातें दीं।

### मनरेगा की कमियां होंगी दूर, अब मिलेगी रोजगार की पक्की गारंटी
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि गांवों के विकास के बिना ‘विकसित भारत’ की कल्पना अधूरी है। उन्होंने पुरानी ‘मनरेगा’ योजना पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि मनरेगा अपने मूल मकसद में पूरी तरह सफल नहीं हो पाई थी। उसमें बिना योजना के मिट्टी खुदाई, नकली जॉब कार्ड, फर्जी हाजिरी और मजदूरी भुगतान में देरी जैसी गंभीर गड़बड़ियां थीं।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब ‘वीबी जी राम जी योजना’ के तहत:

सालाना कानूनी रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।

फसल बुवाई और कटाई के समय मजदूरों की किल्लत से बचने के लिए सरकार 60 दिनों का कार्य विराम घोषित कर सकेगी।

भ्रष्टाचार रोकने के लिए जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेज और एआई (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा।

मजदूरी का भुगतान हर हफ्ते करना अनिवार्य होगा। यदि दो सप्ताह से अधिक की देरी हुई, तो स्वतः मुआवजा मिलेगा।

राजस्थान के लिए 12,636 करोड़ का ऐतिहासिक बजट
मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को खारिज करते हुए कहा कि यह योजना सहकारी संघवाद का एक बेहतरीन मॉडल है। डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट आवंटित किया है, जो अब तक का सबसे अधिक है। इससे गांवों में पानी, सड़क और जल संरक्षण जैसे स्थायी काम होंगे।

‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’ देवमाली को 2 करोड़ रुपये की सौगात
अपनी खास परंपराओं के लिए दुनिया भर में मशहूर और भारत सरकार द्वारा ‘बेस्ट टूरिस्ट विलेज’ का पुरस्कार पा चुके देवमाली गांव के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने देवमाली में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए 2 करोड़ रुपये की लागत से आश्रय स्थल बनाने, वहां के सरोवर का जीर्णोद्धार करने और सड़कों का निर्माण कराने का आश्वासन दिया।

बिजली, नौकरी और पर्यावरण पर बड़ा संकल्प
सरकार की अन्य उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

किसानों को दिन में बिजली: वर्तमान में 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली मिल रही है, और वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

सरकारी नौकरियां: युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा तेजी से पूरा किया जा रहा है।

हरियालो राजस्थान: मुख्यमंत्री ने आमजन से ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने की भावुक अपील की।

लाभार्थियों को सौंपे कार्ड, चेक और गाड़ियां
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने योजना के तहत लाभार्थियों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड सौंपे। साथ ही, राजीविका स्वयं सहायता समूहों (SHG) की दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 3.31 करोड़ रुपये के क्रेडिट लिंकेज चेक और राजस्थान महिला निधि के तहत 1.16 करोड़ रुपये के ऋण चेक वितरित किए। ‘समर्थ सखी ऋण योजना’ के तहत क्लस्टर मैनेजरों को स्कूटी और पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत नए मकानों की चाबियां भी सौंपी गईं।

इस कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी सहित कई कैबिनेट मंत्री, स्थानीय विधायक और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

“किसान की समृद्धि, श्रमिक के सम्मान और गांव की आत्मनिर्भरता से ही भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बनेगा।”
– मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा