फाल्गुनी रंग की छटा, खिलने लगा केसुला …..

भीलवाड़ा/होली पर्व नजदीक आने के साथ ही जहां एक और बाजार में रंग, गुलाल, पिचकारियों की दुकानें सजने लगी है, वहीं दुसरी और प्रकृति ने भी इस पर्व का केसुले के फूल से संकेत दे दिया है। इस फूल से होली पर रंग बिरंगे प्राकृतिक रंग तैयार किए जाते थे, हांलांकि अब इसकी जगह केमिकल से तैयार रंगों ने ले ली जो त्वचा के लिए भी हानिकारक है। फाल्गुनी रंग की छटा बिखेरते कैसुले के फूल को बनेडा रोड से कैद किया गया है।
(फोटो: राजेश जीनगर)