पारिवारिक न्यायालय की जमीन पर जीव जंतु बोर्ड ने किया अवैध कब्जा
The Animal Board has illegally occupied the land of the Family Court
(महेन्द्र नागौरी)
भीलवाड़ा/ जयपुर/स्मार्ट हलचल/पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन ने लगातार प्रयास करके जयपुर विकास प्राधिकरण से गांधीनगर मोड पर पारिवारिक न्यायालय के भवन निर्माण के लिए जमीन आवंटित कराई मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने 2021 में भूमि का कब्जा लिया और जयपुर विकास प्राधिकरण ने उसकी रजिस्ट्री कोर्ट के नाम कराई उसके पश्चात जमीन पर भवन निर्माण के लिए हाई कोर्ट की बिल्डिंग कमेटी ने आरएसआरडीसी के द्वारा प्रस्तुत नक्शे को पास किया और सरकार ने 20 करोड रुपए निर्माण के लिए बजट दिया।
पारिवारिक कोर्ट बार एसोसिएशन के संयोजक पूनम चंद्र भंडारी और अध्यक्ष डीएस शेखावत ने बताया कि नक्शे पास होने के पश्चात आरएसआरडीसी ने संपूर्ण जमीन का कब्जा लिया और उसके पश्चात 2023 में जीव जंतु बोर्ड ने इस जमीन पर कब्जा कर निर्माण की कार्रवाई शुरू की थी तब एसोसिएशन ने विरोध किया था और उन्हें कब्जा नहीं करने दिया था तथा न्यायालय से निवेदन किया था कि यहां पर तारबंदी करा दी जाए उसके पश्चात न्यायालय को आवंटित जमीन पर जीव जंतु विभाग ने अतिक्रमण कर एक गार्ड रूम बना लिया जब आरएसआरडीसी ने बेसमेंट की खुदाई शुरू की और जमीन को नापा तो यह तथ्य सामने आया कि 10 फीट जमीन पर अवैध रूप से जीव जंतु बोर्ड ने कब्जा करके निर्माण कर लिया।
इस बात की जानकारी ऐसोसिएशन को हुई तो उन्होंने इस संबंध में जिला न्यायाधीश से संपर्क किया और उन्होंने मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में कमेटी बनाई और उन्होंने सभी पक्षों की मीटिंग बुलाई उसमें आरएसआरडीसी के अधिकारी, जीव जंतु बोर्ड के अधिकारी और बार के संयोजक व अध्यक्ष उपस्थित रहे, उस मीटिंग में जीव जंतु बोर्ड ने स्वीकार किया कि उनके पास जमीन का टाइटल नहीं है निर्माण स्वीकृति नहीं है बजट कैसे आया उसकी जानकारी नहीं उन्होंने तो ऊपर के आदेश से निर्माण कर लिया है और यह स्वीकार किया कि जयपुर विकास प्राधिकरण की संपत्ति थी जो उन्होंने पारिवारिक न्यायालय को आवंटित कर दी थी और उनका ही कब्जा था। मीटिंग में तय किया गया कि अवैध निर्माण को हटाया जाए जीव जंतु बोर्ड के अधिकारियों ने एक सप्ताह का समय मांगा था लेकिन एक सप्ताह गुजरने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तब बार के संयोजक भंडारी एवं अध्यक्ष शेखावत ने जिला न्यायाधीश श्रीमती नंदिनी व्यास से संपर्क किया और उन्होंने भी मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया की इस संबंध में आरएसआरडीसी और जीव जंतु विभाग को पत्र जारी कर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए लेकिन जीव जंतु बोर्ड के अध्यक्ष ने निर्माण हटाने से मना कर दिया तब आज संगठन के संयोजक भंडारी व अध्यक्ष शेखावत के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया और जीव जंतु बोर्ड को कहा की तीन दिन में निर्माण हटा दिया जाए वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उसके पश्चात राजस्थान हाई कोर्ट बिल्डिंग कमेटी के अध्यक्ष पंकज भंडारी से पारिवारिक न्यायालय का शिष्टमंडल मिला और उनको सारी वस्तु स्थिति बताई तो उन्होंने भी आश्चर्य किया कि न्यायालय की जमीन पर अवैध निर्माण कर लिया गया है और उन्होंने उसी समय जिला न्यायाधीश श्रीमती नंदनी व्यास से फोन पर वार्ता कर सारी जानकारी ली और शिष्टमंडल को आश्वासन दिया कि कल ही जीव जंतु बोर्ड और मुख्य सचिव अन्य अधिकारीगण को पत्र जारी करके अवैध निर्माण को हटाने कार्रवाई की जाएगी।
शेखावत ने कहा की कार्रवाई जल्दी नहीं की गई तो बारिश आने पर बहुत नुकसान हो सकता है भंडारी ने कहा कि निर्माण में देरी होने से भवन निर्माण की लागत बढ़ जाएगी।
भंडारी व शेखावत ने कहा कि आम जनता के लिए पारिवारिक न्यायालय भवन का निर्माण होना था लेकिन जीव जंतु बोर्ड ने वैध तरीके से कब्जा करके अपराध किया है और यदि एक सप्ताह के अंदर निर्माण नहीं हटाया गया तो उनके विरुद्ध फौजदारी कार्रवाई की जाएगी और निर्माण को हटाने कार्रवाई की जाएगी।
शिष्ट मंडल में पूनम चंद भंडारी, डी एस शेखावत, विष्णु शर्मा, राकेश चंदेल, भूपेंद्र सिंह राव,अनुभव शर्मा व कामिल एडवोकेट उपस्थित रहे।













