गांव की चौपाल की चर्चा से बने देश की किसान हितैषी नीति: भारतीय किसान संघ

मेरठ में अखिल भारतीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक संपन्न; 30 सितंबर को दिल्ली में महिला किसान सम्मेलन

नई दिल्ली/मेरठ/जयपुर, स्मार्ट हलचल। भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रबंध समिति की बैठक उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित माधव कुंज परिसर सभागार में संपन्न हुई। बैठक में संगठन विस्तार, किसान हितों से जुड़े विभिन्न विषयों, एथेनॉल, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, जीन एडिट फसलों तथा आगामी महिला किसान सम्मेलन को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने बैठक में हुए चिंतन-मंथन की जानकारी देते हुए कहा कि संगठन का ध्येय है कि गांवों की चौपाल पर होने वाली चर्चा देश की नीति बनाने वालों तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष भारतीय किसान संघ का सदस्यता वर्ष है। इसके तहत देश के अधिक से अधिक गांवों में सदस्यता अभियान चलाकर संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

एथेनॉल को लेकर किसान संघ ने स्पष्ट किया मत

एथेनॉल को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी पर मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि किसान संघ के अनुसार एथेनॉल से किसानों की आय बढ़ने के साथ पर्यावरण सुधार में भी मदद मिली है। साथ ही यह विदेशी मुद्रा के संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि जब किसानों को बाजार में अच्छे मूल्य मिलने की संभावना बनती है, तब कुछ लोग महंगाई का मुद्दा उठाकर किसानों को बेहतर मूल्य मिलने का विरोध करने लगते हैं। किसान हितैषी लोगों को इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखना चाहिए।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी हुई चर्चा

बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। महामंत्री ने बताया कि फिलहाल समझौते को लेकर वार्ता रुकी हुई है। सरकार की ओर से कृषि, डेयरी और फिशरी से संबंधित क्षेत्रों में समझौता नहीं किए जाने की बात कही गई है। किसान संघ ने कहा कि वार्ता दोबारा शुरू होने पर संगठन पूरे विषय पर नजर रखेगा।

30 सितंबर को दिल्ली में महिला किसान सम्मेलन

भारतीय किसान संघ आगामी 30 सितंबर को दिल्ली में महिला किसान सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के अवसर पर किया जाएगा। सम्मेलन में देशभर से हजारों महिलाओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

सम्मेलन में खेती, गौ आधारित जैविक खेती, विषमुक्त भोजन, रोगमुक्त जीवन, स्वावलंबन और परिवार प्रबोधन जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर भी प्रबंध समिति की बैठक में विचार-विमर्श किया गया।

जीन एडिट फसलों को लेकर जताई आपत्ति

महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने जीन एडिट फसलों को लेकर भी संगठन का पक्ष रखा। उन्होंने बीटी कपास का उदाहरण देते हुए कहा कि अधिक उत्पादन के नाम पर ऐसी तकनीकों के प्रयोग से स्वावलंबन प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जीन एडिट चावल के माध्यम से भी चावल के क्षेत्र में स्वावलंबन को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। भारतीय किसान संघ ने इसका विरोध करते हुए इसकी घोर निंदा की।

ये रहे उपस्थित

बैठक में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी, महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र, उपाध्यक्ष राम भरोस वासोतिया, पेरुमल, विशाल चंद्राकर, सुशीला विश्नोई, कोषाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख एवं किसान संघ के संपर्क अधिकारी रामलाल सहित देशभर के प्रदेश एवं प्रांतों के अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष, क्षेत्र संगठन मंत्री और प्रांत संगठन मंत्री उपस्थित रहे।