डीएपी खाद की किल्लत पर किसान नेता नरेश मीणा का बड़ा ऐलान

2 अक्टूबर को उनियारा SDM कार्यालय के सामने धरना-समाधान नहीं हुआ तो आमरण अनशन की चेतावनी

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल|रबी सीजन में गेहूं, चना, सरसों और लहसुन की बुवाई का समय शुरू होने के बीच देवली-उनियारा क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत और कथित रूप से अधिक कीमत पर बिक्री का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। किसान नेता, बीएसएस सुप्रीमो नरेश मीणा ने खाद की उपलब्धता और निर्धारित दर पर वितरण की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा की है।
*1,350 की खाद कथित तौर पर डबल रेट में बिकने का आरोप*
किसान नेता नरेश मीणा ने मीडिया के बीच कहा कि किसानों को डीएपी खाद की भारी जरूरत है, लेकिन क्षेत्र में खाद की कमी के बीच किसानों को कथित तौर पर मनमाने दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि ₹1,350 की सरकारी दर वाली डीएपी खाद कई जगह अधिक कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र सरकार ने 2026 के खरीफ सीजन के लिए 50 किलो डीएपी बैग का मूल्य ₹1,350 बनाए रखने के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया था।
*2 अक्टूबर को SDM कार्यालय के सामने होगा धरना*
नरेश मीणा ने घोषणा की है कि 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन उनियारा उपखण्ड (SDM) कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में छबड़ा और छीपाबड़ौद क्षेत्र में भी खाद की समस्या को लेकर आंदोलन किया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खाद की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ और किसानों को उचित दर पर पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन भी किया जाएगा। साथ ही समाधान नहीं होने पर राजस्थान के अन्य तहसील एवं SDM कार्यालयों पर भी धरना प्रदर्शन करने की बात कही गई है।
*खाद संकट पर बढ़ रही शिकायतें*
डीएपी की उपलब्धता और कीमत को लेकर टोंक-सवाई माधोपुर क्षेत्र में भी शिकायतें सामने आई हैं। सांसद हरीश चंद्र मीणा ने 27 सितंबर को केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री को पत्र भेजकर डीएपी-यूरिया की नियमित आपूर्ति, कथित जमाखोरी-कालाबाजारी की जांच तथा किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की थी।