खरीफ सीजन से पहले किसानों को मिला आधुनिक खेती का ज्ञान, टाकंला में आत्मा योजना की गोष्ठी आयोजित

एजाज़ अहमद उस्मानी

स्मार्ट हलचल।खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर आत्मा योजना के तहत सोमवार को खींवसर पंचायत समिति के ग्राम टाकंला में एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में अनुसूचित जाति वर्ग के 125 किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती तथा मिट्टी परीक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम में कृषि विभाग नागौर के उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा नागौर डॉ. हेमराज मीना ने किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं नवीन कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाकर खेती में उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के उपाय भी बताए।
कृषि विज्ञान केंद्र नागौर की कृषि वैज्ञानिक डॉ. भावना शर्मा ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को फसल संरक्षण के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। वहीं काजरी जोधपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप ने संतुलित खाद एवं उर्वरकों के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा नवीन बगीचों की स्थापना संबंधी तकनीकी जानकारी साझा की।
गोष्ठी के दौरान सहायक निदेशक शंकरराम सियाग ने जैविक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए इसके लाभों पर विस्तार से चर्चा की। सहायक कृषि अधिकारी मनीराम बाजिया ने किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और अनुदान संबंधी प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के समापन पर कृषि पर्यवेक्षक हंसा चौधरी ने मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया, उसके वैज्ञानिक महत्व तथा फसलों की बेहतर पैदावार में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी की जांच करवाकर आवश्यकतानुसार उर्वरकों का उपयोग करने का आह्वान किया। गोष्ठी में किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाकर खेती को अधिक लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाना रहा।