किसानों की महीनों की मेहनत फ़ल भर में बर्बाद, बेमौसम बारिश और ओलों ने मटियामेट की फसल

—–>खेतों में खड़ी हुई फसल100%, कटी हुई फसल 80% नुकसान घठित होने का अनुमान।

महेंद्र कुमार सैनी

स्मार्ट हलचल/नगर फोर्ट तहसील क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।अचानक बदले मौसम ने काश्तकारी को गहरा नुकसान पहुंचाया है।तेज बारिश के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी रबी की फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। बारिश और ओलावृष्टि के दौरान खेतों में ऐसा नजारा देखने को मिला,मानो चारों तरफ सफेद चादर बिछ गई हो। ओलों की मार से फसलें जमीन पर गिर गईं और कई जगह पूरी तरह नष्ट हो गईं।नगर फोर्ट में चना, सरसों और गेहूं, प्याज लहसुन, जानवरों को हरा चारा रजका,जैसी प्रमुख फसलों को भारी क्षति हुई है। किसान कटाई से पहले अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन बेमौसम ओलावृष्टि की इस मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।नगर फोर्ट के किसानों ने बताया कि उन्होंने इस बार गेहूं ,चना, सरसों की खेती की थी। सोमवार को देर शाम को हुई ते mpज ओलावृष्टि के कारण उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई. खेत में खड़ी खड़ी व कटी हुई गेहूं,चना की फसल ओलों की चोट नहीं सह पाई और पूरी तरह नष्ट हो गई।नगर फोर्ट तहसील क्षेत्र के रामसागर, मालीपुरा,हरिपुरा,संग्रामपुरा,गोवर्धनपुरा गांव के किसानो ने बताया कि गेहूं,चना और सरसों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है।उन्होंने कहा कि अगर गेहूं की बात करें, तो उसमें भी ओलों और बारिश की वजह से नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
*खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान*
बारिश का कहर खासतौर पर नगर फोर्ट,रामसागर मालीपुरा गोवर्धनपुरा स्थित संग्रामपुरा और उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिला. यहां अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई।बारिश के दौरान बड़े आकार के ओले गिरे,जिन्होंने खेतों में खड़ी फसलों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया।कुछ ही देर में हालात ऐसे हो गए कि खेतों की सूरत पूरी तरह बदल गई चारों ओर नुकसान ही नुकसान।बारिश थमने के बाद जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो हर तरफ नुकसान ही नुकसान दिखाई दिया।कई जगह फसलें गिर चुकी थीं,तो कहीं ओलों की वजह से पौधे टूट गए थे। किसानों का कहना है कि इस समय फसलें पककर तैयार हो रही थीं और कटाई के करीब थीं,ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बड़ा झटका है। किसानों ने नुकसान का सर्वे करवा कर सरकार से मुआवजा की मांग की है।