सरकारी और निजी लैब की जांचों में अंतर को लेकर कृषि उपज मंडी सचिव से मिला किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल

सरकारी और निजी लैब की जांचों में अंतर को लेकर कृषि उपज मंडी सचिव से मिला किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल

ड़ीग -15 जुलाई भारतीय किसान संघ का एक प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष हेमसिंह फौजदार के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी डीग में व्यापारियों तथा लैब के संचालक की सांठ- गांठ से किसानों के शोषण को लेकर गुरुवार को मंडी सचिव बलवीर सिंह मीणा से मिला।
प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने मंडी सचिव को बताया कि मंडी समिति में सरकारी लैब तथा बाहर प्राइवेट लैब की जांच रिपोर्ट में एक किलो सरसों के तेल का अंतर है, किसान संघ द्धारा कसौटी के लिए सरसो के एक ही सेम्पल की दोनों लैबों से जांच कराने पर एक किग्रा तेल का अंतर आया है। इस पर सरसो के उसी सेम्पल को सचिव ने अपने कर्मचारी को लेकर दोनों लेवो पर जांच के लिए भेजा तो दोनों जांचों में 900ग्राम तेल का अंतर आया। किसानों का कहना था कि प्राइवेट लैब से जांच करा कर अपनी सरसो की फसल बेचने पर किसान को 150 रुपये प्रति कुंटल नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस पर कृषि उपज मंडी सचिव सिंह ने उसी समय व्यापारियों को बुलाकर निर्देशित किया कि जिस लैब की जांच में तेल की मात्रा ज्यादा हो उसी के अनुसार किसानों को उनकी सरसों की फसल का भुगतान किया जावे।इस मौके पर भगवानसिंह, शिवचरण अऊ,अजयसिंह, रनवीर सिंह बंटी डीग,वनयसिंह कुंतल, देवीराम मौरोली, महाराजसिंह सायपुर आदि किसान प्रतिनिधी मोजूद थे।

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