भादसोड़ा, 2 जुलाई।स्मार्ट हलचल।जून का महीना बीत जाने और जुलाई का आगाज होने के बावजूद अब तक मानसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है। पर्याप्त वर्षा के अभाव में खेत सूखे पड़े हैं और खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
हर वर्ष जून के अंतिम सप्ताह तक किसान सोयाबीन, मक्का, उड़द सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर देते हैं। लेकिन इस बार बारिश नहीं होने के कारण किसान खेत तैयार करके भी बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। खेतों में नमी नहीं होने से बीज डालना जोखिम भरा माना जा रहा है।
भादसोड़ा निवासी किसान मोहन सुथार ने बताया कि किसान कई दिनों से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। समय पर मानसून नहीं आने से खेती का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है। यदि आगामी दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो बुवाई में और देरी होगी, जिससे फसलों की पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ने की आशंका है।
राधे सुथार भादसोड़ा ने बताया कि किसान प्रतिदिन मौसम पर नजर बनाए हुए हैं। आसमान में कभी-कभी बादल तो दिखाई देते हैं, लेकिन अच्छी बारिश नहीं होने से खेतों में आवश्यक नमी नहीं बन पा रही है। ऐसे में किसान मानसून की मेहरबानी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कृषि जानकारों के अनुसार खरीफ फसलों की समय पर बुवाई बेहतर उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण होती है। यदि बारिश में अधिक देरी होती है तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
