विकसित भारत की पटरी पर तेज रफ्तार! वाराणसी मंडल ने दोहरीकरण, वंदे भारत सहित 1444 करोड़ राजस्व के साथ रचा नया इतिहास

(शीतल निर्भीक ब्यूरो)
वाराणसी।स्मार्ट हलचल|रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के “विकसित भारत–विकसित रेलवे 2047” के विजन को साकार करने में भारतीय रेलवे तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में पूर्वोत्तर रेलवे का वाराणसी मंडल, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशिष जैन के कुशल नेतृत्व में विकास और उपलब्धियों की नई इबारत लिख रहा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंडल ने आधारभूत संरचना को सशक्त बनाते हुए 45.3 किलोमीटर रेलखंड का दोहरीकरण और विद्युतीकरण पूरा किया। इसमें मऊ-खुरहट, दुल्लहपुर-मऊ और पिवकोल-सलेमपुर-लार रोड खंड शामिल हैं। वहीं लार रोड से बेल्थरा रोड तक दोहरीकरण कार्य घाघरा नदी पर तुर्तीपार रेल पुल निर्माण के साथ तेजी से प्रगति पर है।
सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कदम उठाते हुए 12 समपारों को अंडरपास में परिवर्तित कर बंद किया गया। पिपरीडीह और लार रोड स्टेशनों के प्लेटफॉर्म को हाई लेवल किया गया तथा 10 स्टेशनों पर दिव्यांगजन शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
क्षमता विस्तार की दिशा में देवरिया सदर-नूनखार खंड पर 13.67 किलोमीटर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग की सफल कमीशनिंग की गई, जिससे अब कुल 49.88 रूट किलोमीटर पर यह आधुनिक प्रणाली लागू हो चुकी है।
राजस्व के मोर्चे पर भी वाराणसी मंडल ने शानदार प्रदर्शन किया। मार्च 2026 तक 5.62 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान कर 1296.82 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई। माल ढुलाई से 57.65 करोड़ रुपये और बिना टिकट यात्रियों से 28.54 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस प्रकार कुल सकल आय 1444.03 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
यात्री सुविधाओं के विस्तार में भी मंडल ने नई ऊंचाइयों को छुआ। बनारस-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन, बनारस-सियालदह एवं छपरा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया गया। साथ ही बनारस से तीन नई ट्रेनों का शुभारंभ हुआ। माघ मेला के दौरान 244, परीक्षार्थियों के लिए 70 और त्योहारों पर 93 विशेष ट्रेनों के 551 फेरे संचालित कर यात्रियों को बड़ी राहत दी गई।
नई आय के स्रोत विकसित करते हुए बलिया स्टेशन पर प्रीमियम ब्रांडेड स्टोर की शुरुआत की गई। कई प्रमुख ट्रेनों के कोच ICF से LHB में परिवर्तित कर यात्रा को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाया गया तथा मऊ स्टेशन पर रेल कोच रेस्टोरेंट स्थापित किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए RPF द्वारा 190 बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जो एक सराहनीय उपलब्धि है। प्रमुख स्टेशनों पर CCTV कैमरों की स्थापना की गई और मंडल नियंत्रण कक्ष में अत्याधुनिक वार रूम विकसित किया गया।
कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में भी अभिनव पहल की गई। सेवानिवृत्ति के दिन ही पदोन्नति देने की व्यवस्था लागू की गई। बैंकों के साथ समझौते कर कर्मचारियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के लिए मेगा कैंप आयोजित कर पेंशनरों को जागरूक किया गया।
रेलवे कॉलोनियों में नए पार्कों का निर्माण और पुराने पार्कों का सौंदर्यीकरण कर जॉगिंग ट्रैक व बच्चों के खेल उपकरण स्थापित किए गए, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर जीवनशैली का लाभ मिल रहा है।

मंडल रेल प्रबंधक आशिष जैन के नेतृत्व में वाराणसी मंडल लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ये उपलब्धियां न केवल रेलवे के विकास को नई दिशा दे रही हैं, बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की ओर तेज रफ्तार से बढ़ते कदमों का प्रतीक भी हैं।इस आशय की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने मीडिया को दी।