स्मार्ट हलचल|कहा जाता है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो गरीबी और अभाव कभी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। इस बात को सच कर दिखाया है नंदराय की रहने वाली मेधावी छात्रा यामिनी कुमारी तेली ने। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कला वर्ग की परीक्षा में यामिनी ने 97.80% अंक हासिल कर अपनी सफलता का परचम लहराया है।
संघर्ष की नींव पर सफलता की इमारत। यामिनी के पिता, गोपाल लाल तेली, पेशे से एक मजदूर हैं। दिन-भर कड़ी धूप और मेहनत कर मजदूरी करने वाले गोपाल लाल का सपना था कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर कुछ बड़ा बने। यामिनी ने भी अपने पिता के पसीने की हर बूंद की कीमत समझी और बिना किसी महंगी कोचिंग या सुख-सुविधाओं के, सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए यह मुकाम हासिल किया।
क्या कहती हैं यामिनी?
अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए यामिनी ने बताया कि उन्होंने नियमित अध्ययन और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। उनके पिता ने मजदूरी करते हुए कभी भी उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी, जो उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए समस्त स्टाफ और परिजनों ने उज्जवल भविष्य की कामना की।
