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​घूमंतू परिवारों की ‘अनसुनी पीड़ा’ को महसूस कर आगे बढ़े समाज: दुर्गा दास

रणवीर सिंह चौहान

स्मार्ट हलचल /भवानी मंडी.भारत विकास परिषद् आदर्श शाखा द्वारा आयोजित ‘सेवा-समरस’ व्याख्यान समाज में सेवा के महत्व को सिर्फ़ सिद्धांत तक सीमित न रखकर, उसे ज़मीनी स्तर पर उतारने की मार्मिक अपील के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का केंद्रीय बिंदु घुमंतू और विमुक्त परिवारों की जीवन-शैली को बेहतर बनाने का विचार रहा, जिसे सुनकर सभागार में उपस्थित हर व्यक्ति भावुक हो उठा।
​ गुरुवार को लालचंद आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष अरविंद गोयल ने की।
साथ ही विशिष्ट अतिथि आर टी एम के नवीन कार्यकारी अध्यक्ष रोहित अरोड़ा भी उपस्थित रहे ।
​​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख, दुर्गा दास ने अपने उद्बोधन से सभी के हृदय को छू लिया साथ ही अपनी वाणी से जगाया संवेदना का भाव उन्होंने घुमंतू परिवारों के संघर्षमय जीवन का चित्रण करते हुए कहा कि, “ये वे परिवार हैं जो सदियों से इस देश के नागरिक हैं, पर आज भी उनके पास न छत है, न स्थायी पता। वे अपनी कला, अपनी संस्कृति और अपने स्वाभिमान को सीने में दबाए दर-बदर भटक रहे हैं।”
​उन्होंने आह्वान किया कि समाज को इन परिवारों की ‘अनसुनी पीड़ा’ को महज़ सरकारी योजना न मानकर, मानवीय संवेदना के स्तर पर महसूस करना चाहिए। उनका यह विचार कि “घुमंतू परिवारों को बसने और स्वाभिमान के साथ जीने का अवसर देना ही सच्ची नारायण सेवा है,” ने सभागार को भावुक कर दिया।

​पूरे कार्यक्रम का सफल एवं गरिमामय संचालन शाखा के सचिव यश नाहर ने अपनी ओजस्वी वाणी से किया।
​अंत में, परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजदीप सिंह छाबड़ा ने सभी अतिथियों और श्रोताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकल्प लिया कि परिषद् इस वर्ग के उत्थान के लिए समाज के साथ मिलकर ठोस कदम उठाएगी। यह व्याख्यान सेवा के भाव को एक नई दिशा और गहराई प्रदान कर गया।

इस दौरान परिषद से प्रांतीय महासचिव हिमांशु चतुर्वेदी, राजेश गोटावाला, प्रकाश गुप्ता सीए, तरंग गुप्ता, अतुल गुप्ता सीए आदि सदस्यों के साथ साथ विवेकानंद शाखा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक संघ एवं आस पास के क्षेत्रों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे ।

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