बेहजम सहकारी समिति में खाद संकट गहराया, घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे किसान

पक्षपात के आरोपों से गरमाया मामला, किसानों का दावा— शिकायतों पर भी नहीं हो रही निष्पक्ष कार्रवाई

मितौली खीरी।स्मार्ट हलचल|धान की फसल के अहम दौर में बेहजम सहकारी समिति पर खाद की लगातार बनी किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खाद के लिए रोजाना समिति के चक्कर काट रहे किसान घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। इससे किसानों में भारी नाराजगी है और उन्होंने वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।समिति पर पहुंचे किसानों का कहना है कि पिछले दो से तीन महीनों से खाद की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। कई बार आने के बावजूद हर बार उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि सूची में उनका नाम दर्ज नहीं है। किसानों का कहना है कि खेती का समय निकलता जा रहा है, लेकिन उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण में पक्षपात किया जा रहा है। उनका दावा है कि प्रभावशाली लोगों और कुछ जनप्रतिनिधियों के दबाव में कथित रूप से चुनिंदा लोगों के नाम सूची में शामिल कर खाद का वितरण किया जाता है, जबकि अन्य पात्र किसान वंचित रह जाते हैं।

किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि शिकायतों का वास्तविक निस्तारण करने के बजाय कागजों पर कार्रवाई पूरी दिखा दी जाती है।

इस संबंध में समिति अध्यक्ष संजय दीक्षित ने बताया कि समिति पर खाद का वितरण टोकन व्यवस्था के अनुसार किया जा रहा है। पक्षपात और शिकायतों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी लेकर एडीओ सहकारिता से वार्ता की जाएगी तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सहकारी समिति पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और सभी पात्र किसानों को बिना भेदभाव समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेती-किसानी प्रभावित न हो।