जहाजपुर । क्षेत्र की ग्राम पंचायत पडेर कुछ समय से राजनीति उथल-पुथल के कारण चर्चा में रही है इस दौरान फिर यहां की राजनीति ने करवट बदली है,निवर्तमान सरपंच एवं प्रशासक ममता जाट के निलंबन के बाद से ही यहां की परिस्थितियां बदलने लगी,उपसरपंच शंकर लाल गुर्जर ने ग्राम पंचायत प्रशासक पद संभाला,उसके बाद प्रशासक पद को लेकर कांग्रेस समर्थित ममता जाट ने न्यायालय की शरण ली,माननीय न्यायालय की पालना में ममता जाट ने फरवरी में प्रशासक पद ग्रहण किया,वही 3 महीने बाद अभी कुछ दिन पहले पंचायती राज विभाग का एक आदेश जारी हुआ जिसमें ममता जाट के विरुद्ध खाली भूमि पर नियम विरुद्ध पटै जारी करने संबंधित शिकायत प्रकरणों में आरोप प्रमाणित पाए जाने के क्रम में राज्य सरकार द्वारा ममता जाट को पदमुक्त किया गया,उसके बाद शुक्रवार को जिला परिषद भीलवाड़ा एवं जिला कलेक्टर के आदेश के बाद एक बार फिर शंकर लाल गुर्जर को ग्राम पंचायत पंडेर प्रशासक पद की कमान मिली,आदेश आने के बाद ग्राम विकास अधिकारी अभिषेक मीणा ने भाजपा कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में शंकर लाल गुर्जर को प्रशासक पद ग्रहण करवाया।
मैं एक महिला सरपंच हूं मुझे राजनेतिक मतभेद के चलते मेरी बार बार झूठी शिकायत कर अपने चहेते अधिकारियों के द्धारा जांच करवाकर मनमाने तरीके से निलंबित करवाया जा रहा है,लेकिन अन्याय के खिलाफ मेरा संघर्ष जारी रहेगा।
ममता जाट-निवर्तमान सरपंच प्रशासक ग्राम पंचायत पंडेर।
पूर्व प्रशासक को भ्रष्टाचार के प्रमाणित आरोपो की वजह से निलंबित किया गया है,राजनीति द्वेषता का आरोप बिल्कुल ग़लत है,ग्रामवासियों के लिए सभी जांचे सार्वजनिक रूप से अवलोकन हेतु उपलब्ध है और गांव जानता है कि पूर्व प्रशासक द्वारा भ्रष्टाचार के अभूतपूर्व आयाम स्थापित कर पूरे गांव की भौतिक संपदा को नीलाम कर दिया गया।
भाजपा कार्यकर्ता,अजय सुवालका
