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टोल वसूली पर ध्यान, सुरक्षा पर लापरवाही — खाचरोल व आरोली टोल प्रबंधन की अनदेखी से एनएच-27 और एनएच-758 पर मवेशियों का कब्जा, यात्रियों की जान संकट में

लाडपुरा क्षेत्र में आवारा पशुओं से बढ़ा हादसों का खतरा, ग्रामीण बोले – हाईवे प्रबंधन को सिर्फ टोल वसूलने की चिंता

शिवलाल जांगिड़

स्मार्ट हलचल,लाडपुरा क्षेत्र से गुजर रहे कोटा-चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-27 और भीलवाड़ा एनएच-758 पर इन दिनों आवारा मवेशियों का जमावड़ा दुर्घटनाओं का कारण बनता जा रहा है। हाईवे पर शाम ढलते ही बड़ी संख्या में गाय, बैल और अन्य पशु सड़क पर बैठ जाते हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए जान का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि लाडपुरा गांव के आसपास हाईवे पर मवेशियों की भरमार है। रात्रि के समय वाहन चालकों को अचानक मवेशियों के सामने आ जाने से दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। कई जगह वाहनों के पलटने और टकराने की घटनाएँ भी हो चुकी हैं।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एनएच अथॉरिटी और टोल कंपनी केवल टोल वसूली तक सीमित हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। मवेशियों के सींगों या गले में रेडियम बेल्ट नहीं लगाए गए हैं, जिससे रात में वाहन चालकों को उन्हें देखना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे, प्रशासन, गौशाला और गौसेवकों को मिलकर सड़कों से मवेशियों को हटाने और उनकी सुरक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि न केवल मवेशियों की जान बचे बल्कि यात्रियों को भी दुर्घटनाओं से राहत मिले।

एनएच खाचरोल संभाग के अधिकारियों की लापरवाही से यात्रियों को हर दिन खतरों से भरा सफर करना पड़ रहा है। टोल चुकाने के बावजूद सुरक्षा इंतज़ाम नदारद हैं। लाडपुरा से रात्याखेड़ा, अमरतिया और चित्तौड़िया मार्गों पर जगह-जगह मवेशियों का जमघट लगा रहता है।

रात में दृश्यता कम होने के कारण तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि एनएच प्रबंधन की ओर से बार-बार आश्वासन तो दिए गए लेकिन आज तक ठोस कदम नहीं उठाया गया।

अमरतिया और चित्तौड़िया क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा कि राजमार्ग किनारे बसे गांवों से पशु अक्सर सड़क पर आ जाते हैं। यदि मवेशियों को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार, चेतावनी पट्ट या रिफ्लेक्टर लगाए जाएं तो दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है।

स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने एनएच प्रबंधन, प्रशासन और गौशालाओं से अपील की है कि वे तुरंत प्रभाव से मवेशियों के सींगों पर रेडियम पट्टियां लगवाएं, सड़कों को मवेशी-मुक्त करें, और निर्दोष पशुओं की सुरक्षा के साथ यात्रियों की जान की रक्षा करें।

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