बानसूर। स्मार्ट हलचल| पूर्व उधोग मंत्री शकुंतला रावत नेंं कोटपुतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी से मुलाकात की। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची रावत ने CTH सरिस्का क्षेत्र के निर्धारण और हाल ही में हुए जिला परिषद, पंचायत समिति व ग्राम पंचायत वार्डों के परिसीमन में कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए एक आपत्ति पत्र सौंपा। पूर्व मंत्री रावत ने बताया कि नारायणपुर से लेकर रामपुर तक के आबादी वाले क्षेत्रों को CTH सरिस्का क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यह क्षेत्र पहले से ही घनी आबादी वाला है, और इसे CTH में शामिल करने से स्थानीय ग्रामीणों को विकास कार्यों, निर्माण गतिविधियों और उनकी दैनिक दिनचर्या में कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।इसके साथ ही उन्होंने जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के वार्डों के गठन पर भी सवाल उठाए। रावत ने आरोप लगाया कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान समान जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति के सिद्धांतों की अनदेखी की गई है। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया से कुछ क्षेत्रों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है और ग्रामीणों के प्रतिनिधित्व को प्रभावित करेगा। पूर्व मंत्री ने कलेक्टर से CTH सरिस्का क्षेत्र के निर्धारण पर पुनर्विचार करने और परिसीमन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे, जिन्होंने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए निष्पक्ष निर्णय की अपील की।













