खाखला पट्टा घोटाले में बड़ा धमाका! पूर्व सरपंच के परिवार पर मेहरबानी, अब एफआईआर की तलवार

गंगापुर ( दिनेश लक्षकार)

स्मार्ट हलचल।सहाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत खाखला में कथित पट्टा घोटाले ने ऐसा विस्फोट किया है कि पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक हड़कंप मच गया है। जिला परिषद की जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासों के बाद पूर्व सरपंच एवं वर्तमान प्रशासक रतनलाल स्वर्णकार, संबंधित वार्ड पंचों और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला परिषद ने सात दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कराने और न्यायालय में कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

सत्ता मिली तो परिवार पर बरसी जमीन!

जांच रिपोर्ट के अनुसार सरपंच पद पर रहते हुए अपने ही परिवार को लाभ पहुंचाने का खेल खेला गया। पत्नी, पुत्रों और पुत्रवधू के नाम भूखंडों के पट्टे जारी कर दिए गए। आरोप है कि जिन नियमों की पालना कराने की जिम्मेदारी थी, उन्हीं नियमों को ताक पर रखकर परिवार को फायदा पहुंचाया गया।
सड़क किनारे का कीमती भूखंड भी परिवार के नाम!

जांच समिति की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरपंच के पुत्र के नाम सड़क सीमा क्षेत्र में व्यावसायिक भूखंड तक आवंटित कर दिया गया। यह ऐसा मामला है जिसने पूरे पंचायत क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। भूमि विक्रय से जुड़ी जरूरी स्वीकृतियां भी नहीं ली गईं, जिससे पूरे आवंटन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जांच रिपोर्ट आई तो मचा भूचाल

शिकायतकर्ता रतनलाल जाट की शिकायत पर गठित जांच समिति ने रिकॉर्ड खंगालने के बाद जो रिपोर्ट सौंपी, उसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी। रिपोर्ट में पंचायतीराज नियम 156, 157 और 167 के उल्लंघन की बात कही गई है।

सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कई जिम्मेदारों की नींद उड़ गई है और पंचायत क्षेत्र में दिनभर इसी मामले की चर्चा हो रही है।

7 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो अधिकारियों पर भी गाज

जिला परिषद ने विकास अधिकारी सहाड़ा को साफ निर्देश दिए हैं कि सात दिन के भीतर सक्षम न्यायालय में निगरानी दर्ज कराई जाए और दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर करवाई जाए। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का सवाल – आखिर किसके संरक्षण में चलता रहा खेल?
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।