शाश्वत तिवारी
नई दिल्ली। स्मार्ट हलचल|बांग्लादेश की नई सरकार के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भारत दौरे पर हैं। दोनों देशों के संबंधों में पिछले कुछ समय से चल रही खटास के बीच यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने दो दिन की नई दिल्ली यात्रा के दौरान अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस. जयशंकर के साथ ही पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से भी मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग के साथ ही ऊर्जा सहयोग पर भी चर्चा हुई।
वहीं दूसरी ओर ढाका में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार, ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. ए.के.एम. शमशुल इस्लाम से मुलाकात की। उन्होंने अपने व्यापक सुरक्षा और रक्षा सहयोग की समीक्षा की, जिसमें द्विपक्षीय परामर्श तंत्र, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण की पहल और दोनों देशों के रक्षा संस्थानों के बीच आदान-प्रदान शामिल हैं।
विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिख बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और उनके प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करके मुझे प्रसन्नता हुई। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं को मजबूत करने पर चर्चा की। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। आपस में निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी।
उच्चायुक्त प्रणय वर्मा की डॉ. इस्लाम से मुलाकात के बाद बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर लिख उन्होंने अपने समग्र द्विपक्षीय संबंधों के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने साझा सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। हाई कमिश्नर ने आपसी हित और लाभ पर आधारित अपने बहुआयामी सहयोग को बढ़ाने के लिए बांग्लादेश सरकार के साथ मिलकर काम करने की भारत की तत्परता व्यक्त की।
भारत और बांग्लादेश के रिश्ते, विशेष रूप से तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता में आने के बाद, पूर्व के तनावपूर्ण दौर के बाद अब पटरी पर लौट रहे हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान संबंधों में जो ठंडापन आया था, वह अब प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई सरकार के आने के बाद धीरे-धीरे दूर हो रहा है। बांग्लादेशी विदेश मंत्री के भारत दौरे को रिश्तों में जमी ‘बर्फ पिघलने’ के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अगस्त 2024 से बंद पड़ी अगरतला-ढाका बस सेवा का हाल ही में ट्रायल रन किया गया है और इसे जल्द ही नियमित रूप से शुरू करने की तैयारी है। भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के माध्यम से डीजल का आयात फिर से शुरू हो गया है, जो बांग्लादेश में ईंधन संकट को कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा दोनों देश वीजा प्रक्रियाओं को सामान्य बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो पिछले कुछ महीनों से सुरक्षा कारणों से सीमित थीं।
