पोटलां। कस्बे में शनिवार को महिलाओं ने सज-धज कर गणगौर पूजन किया। पूरे परिवार और आसपास की महिलाएं सुबह से गणगौर पूजन की तैयारी में जुटी रही। फिर सबने एक साथ गणगौर पूजन में भाग लिया। अपने से बड़ी महिलाओं से आशीर्वाद लिया। बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि गणगौर पूजा मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का उत्सव है। यह वैवाहिक सुख और सौभाग्य की कामना के लिए की जाती है। यह एक तरह से भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन है। “गण” शब्द भगवान शिव का और “गौरी” या “गौर” शब्द माता पार्वती का प्रतीक है। इसलिए गणगौर इन दोनों के मिलन का प्रतीक है। यह पूजा विवाहित महिलाओं की ओर से अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए की जाती है। कुंवारी लड़कियां इस पूजा के माध्यम से मनपसंद वर की प्राप्ति की कामना करती हैं। गणगौर पूजन करती महिलाओं ने बताया कि गणगौर की तैयारी सुबह से शुरू हो गई थी। दिन में पूजन किया। बड़ों का आशीर्वाद लिया है।
