श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, आर के पुरम में सिद्धचक्र महामंडल विधान,
300 जोड़े एक साथ अर्घ समर्पित करेंगे, बनेगा बनो समोशरण में ऐतिहासिक दृश्य
कोटा।स्मार्ट हलचल|श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, त्रिकाल चौबीसी परिसर, आर.के.पुरम में 22 फरवरी से 3 मार्च तक सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं दीक्षा जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी ससंघ (12 पिच्छी) के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा।मंदिर अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातः मंगलााचार्य, जिन सहस्त्रनाम धारा, अभिषेक, शांति धारा, सिद्धचक्र महामंडल विधान, विशेष प्रवचन, आरती एवं गुरु-भक्ति जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के समीप निर्मित बनो समोशरण में सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत लगभग 300 जोड़े एक साथ बैठकर पावन अर्घ समर्पित करेंगे।
उपाध्यक्ष लोकेश जैन बरमुंडा ने जानकारी दी कि महोत्सव का प्रमुख आकर्षण 26 फरवरी, गुरुवार को आयोजित होने वाला दीक्षा जयंती महोत्सव रहेगा, जिसमें विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से पूज्य गणिनी आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी। इसके साथ ही 27 फरवरी को नेमी कुमार की बारात तथा 1 मार्च को दिग्विजय यात्रा एवं भरत-बाहुबली युद्ध नाट्य का आयोजन भी प्रस्तावित है।
कार्याध्यक्ष प्रकाश सेठिया ने बताया कि विधान कार्यक्रम में विधानाचार्य पं. जितेन्द्र शास्त्री एवं सह-विधानाचार्य पं. रविन्द्र शास्त्री तथा स्वतंत्र जैन का मार्गदर्शन रहेगा।
समिति निर्देशक विनोद टोरडी एवं संयोजक पदम जैन दुगरिया ने बताया कि मांगलिक आयोजनों के लिए सौधर्म, चक्रवर्ती, कुबेर, महानायक, बाहुबली सहित कुल 16 इंद्रों का चयन किया गया है।










