शाहपुरा / कोटड़ी । तहसील के ग्राम पंचायत बड़ला के पिटास गांव में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब स्कूल परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक और कुछ ग्रामीणों ने बाबा साहब की तस्वीर लगाने का पुरजोर विरोध किया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पूरे देश की तरह पिटास के सरकारी स्कूल में भी गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा था। इसी दौरान बाबा साहब की तस्वीर को लेकर विद्यालय स्टाफ और ग्रामीणों के एक गुट ने आपत्ति जताई। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने बाबा साहब के लिए “नीच” जैसे अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि “स्कूल में इनकी तस्वीर नहीं लगेगी।”
भीम आर्मी ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही भीम आर्मी के जिला उपाध्यक्ष दुर्गा लाल आजाद ने मामले को संज्ञान में लिया। उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान का अपमान बताया है। आजाद ने कहा कि “जिस संविधान की बदौलत आज देश पर्व मना रहा है, उसी के निर्माता के प्रति ऐसी सोच शर्मनाक है।”
प्रशासन को अल्टीमेटम
भीम आर्मी ने प्रशासन से मांग की है कि बाबा साहब का अपमान करने वाले प्रधानाध्यापक और दोषी ग्रामीणों पर तुरंत एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए । जातिगत गाली-गलौज करने वाले स्कूल स्टाफ पर विभागीय कार्रवाई हो और यह भी चेतवानी दी गई की दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो मंगलवार को भीम आर्मी द्वारा उग्र धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।













