(हरिप्रसाद शर्मा)
पुष्कर/ अजमेर/स्मार्ट हलचल|धार्मिक नगरी पुष्कर में गैस आपूर्ति को लेकर उठ रही शिकायतों ने आखिरकार बड़ा रूप ले लिया।जिला रसद अधिकारी (प्रथम) अजमेर के निर्देश पर हुई जांच में गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली में ऐसी गड़बड़ियां सामने आईं, जिसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। मामले में एजेंसी संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 6 अप्रैल 2026 तक जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली हकीकत
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। जहां नियमानुसार 25 दिन में बुकिंग होनी चाहिए, वहीं लोगों को 45 दिन तक इंतजार करना पड़ा। इससे आमजन में भारी नाराजगी देखी गई।
उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर अभद्र व्यवहार करने और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप लगाए।मौके पर गैस डिलीवरी से संबंधित रिकॉर्ड भी अधूरा मिला, डिलीवरी डायरी सही तरीके से मेंटेन नहीं पाई गई। शादी-विवाह जैसे जरूरी अवसरों पर भी गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात सामने आई, जिससे लोगों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी।
सबसे बड़ा खुलासा – नियम ताक पर
जांच टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं—बिना गेट पास के गैस सिलेंडर की सप्लाई
करीब 525 सिलेंडर स्टॉक रजिस्टर में दर्ज नहीं है ।घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई में भी गड़बड़ी के साथ रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर आ रहा है
इतना ही नहीं, सिलेंडरों के वजन और श्रेणी को लेकर भी गड़बड़ी सामने आयी आई, जिससे पूरी आपूर्ति व्यवस्था संदिग्ध हो गई है।
कानून का उल्लंघन स्पष्ट
जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि एजेंसी द्वारा एलपीजी (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के नियमों का उल्लंघन किया गया है।
6 अप्रैल तक अंतिम मौका
प्रशासन ने एजेंसी संचालक को 6 अप्रैल तक स्पष्टीकरण देने का मौका दिया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जनता परेशान, जिम्मेदारों पर सवाल
लंबे समय से गैस की समस्या झेल रही जनता अब सवाल उठा रही है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाहियां कब से चल रही थीं। वहीं जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी भी चर्चा में है।
नजर अब कार्रवाई पर
पुष्कर में गैस व्यवस्था की यह तस्वीर चौंकाने वाली है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और क्या आम जनता को राहत मिलती है या नहीं।
