महावीर सेन
मांडलगढ़/गेणोली (स्मार्ट हलचल। गेणोली कस्बे में शुक्रवार को दशा माता का पर्व बड़ी आस्था के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पीपल और बरगद के वृक्ष को देव स्वरूप मानकर विशेष पूजन किया और परिवार की अच्छी ‘दशा’ के लिए प्रार्थना की।
राजा नल-दमयंती की कथा का हुआ वाचन
देवनारायण भगवान मंदिर परिसर में सुबह से ही महिलाओं का जमावड़ा लगा रहा। पूजन के दौरान महिलाओं ने कच्चे सूत का 10 गांठों वाला डोरा तैयार किया और पीपल के पेड़ की 10 परिक्रमा कर धागा बांधा। इसके पश्चात उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से राजा नल और रानी दमयंती की कथा सुनी।
- महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजा संपन्न की।
- घर की सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना की गई।
- पूजन के बाद महिलाओं ने अपने गले में दशा माता का पवित्र डोरा धारण किया।
“दशा माता की पूजा करने से परिवार की आर्थिक और मानसिक दशा में सुधार होता है। यह व्रत घर में शांति और सौभाग्य लाने वाला माना जाता है।” – स्थानीय श्रद्धालु महिलाएं
