मुकेश खटीक
मंगरोप।कालीरडिया गांव स्थित श्री बालाजी गौशाला की चारदीवारी को लेकर उपजे हिंसक विवाद के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।मंगरोप सब-इंस्पेक्टर विजय मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार रातभर जंगलों में दबिश दी और आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया।इस धरपकड़ अभियान में टीम की कड़ी मेहनत के चलते आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।घटना की गंभीरता को देखते हुए बुधवार सुबह प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।एसडीएम मेधा आनंद,तहसीलदार श्रीलाल मीणा,मदन लाल व्यास तथा स्वागत पांडिया ने विवाद स्थल का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।ग्रामीणों नंदलाल बैरवा,दिनेश पाराशर,राधेश्याम साहू,लादूलाल जाट,आमा उपसरपंच संजय पंड्या,गोविन्द सोपुरा,राधेश्याम जाट और शंकरलाल ओड आदि ने प्रशासन को बताया कि कालीरडिया गांव में गौशाला की चारदीवारी को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है।मंगलवार को ग्रहण होने के कारण शाम करीब 4:30 बजे हनुमानजी के मंदिर परिसर में कुछ लोग सफाई व्यवस्था कर रहे थे,जबकि कुछ गौशाला में गायों को पानी पिला रहे थे। इसी दौरान गौशाला के पीछे स्थित दूसरे समुदाय के महिला-पुरुषों एवं बच्चों द्वारा अचानक पत्थर व ईंटें फेंकना शुरू कर दिया गया।हमले में चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल आमा अस्पताल पहुंचाया गया।इनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय,भीलवाड़ा में भर्ती कराया गया।बुधवार सुबह विवाद स्थल पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा।पुलिस व प्रशासन की सतर्कता से स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।बड़लियास थानाप्रभारी मुन्नी चोयल द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
