भव्य शोभायात्रा व रात्रि जागरण से होगा आगाज, 17 सितंबर को मुख्य मेला व महाप्रसादी; राघवेंद्र सरकार रामायण मंडल व भजन गायक ओम वैष्णव देंगे प्रस्तुतियां
लाडपुरा/भीलवाड़ा (स्मार्ट हलचल/मुकेश माहेश्वरी)
भादवा छठ के पावन पर्व के उपलक्ष्य में लाडपुरा क्षेत्र में तीन दिवसीय विशाल भगवान देवनारायण धार्मिक मेले एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन 16 से 18 सितंबर तक किया जाएगा। मेले के आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक महोत्सव में भक्ति संगीत, लोक संस्कृति और पारंपरिक अनुष्ठानों की त्रिवेणी देखने को मिलेगी।
16 सितंबर को गाजे-बाजे से निकलेगी शोभायात्रा, सजेगी भजनों की महफिल
मेला व्यवस्था कमेटी अध्यक्ष नन्द किशोर सनाढ्य ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले के पहले दिन, 16 सितंबर को प्रातः काल भगवान देवनारायण की भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली जाएगी। रात्रि में विशाल भजन संध्या एवं जागरण का आयोजन होगा। इस दौरान मुख्य मंच पर ‘राघवेंद्र सरकार रामायण मंडल’ द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, वहीं मंदिर परिसर के आंतरिक मंच पर भीलवाड़ा के सुप्रसिद्ध भजन कलाकार ओम वैष्णव भजनों की प्रस्तुति देंगे।
17 सितंबर को मुख्य मेला, देवपूजा एवं महाप्रसादी
भादवा छठ के अवसर पर 17 सितंबर को मुख्य मेले का आयोजन होगा। सुबह से ही भगवान देवनारायण की विशेष देवपूजा संपन्न होगी। सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक लोक कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दोपहर 3:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी (भंडारा) का वितरण किया जाएगा। रात्रि में राघवेंद्र सरकार रामायण मंडल, भीलवाड़ा द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
🗓️ तीन दिवसीय देवनारायण मेला कार्यक्रम रूपरेखा:
- 16 सितंबर: प्रातः भव्य शोभायात्रा, रात्रि जागरण, ओम वैष्णव की भजन संध्या व रामायण मंडल की प्रस्तुतियां।
- 17 सितंबर (भादवा छठ): मुख्य मेला, देवपूजा, पूर्वाह्न 11 से दोपहर 3 बजे तक लोक कलाकारों के कार्यक्रम, दोपहर 3 बजे महाप्रसादी व रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- 18 सितंबर: सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक पारंपरिक गवरी नृत्य (राई का खेल) एवं शाम 6 बजे मेले का विधिवत समापन।
18 सितंबर को गवरी नृत्य के साथ होगा समापन
मेले के अंतिम दिन 18 सितंबर को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक पारंपरिक लोक नाट्य राई का खेल (गवरी नृत्य) का भव्य मंचन होगा। इसके उपरांत शाम 6:00 बजे तीन दिवसीय मेले का विधिवत समापन किया जाएगा। मेला व्यवस्था कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।