गुंदली हादसे के बाद भी नहीं चेता विभाग… खामोर में ट्रांसफार्मर के नजदीक फैल रहा करंट,खराब अर्थिंग के कारण कम वोल्टेज से 50 से 60 घर बेहाल,ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन..

ट्रांसफार्मर के नीचे दौड़ते करंट से दहशत,ग्रामीणों का प्रदर्शन,अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप..

इसी ट्रांसफार्मर के पास एक माह पूर्व किसान की बकरी की करंट से हुई थी मौत..उस समय भी अधिकारियों को सुधार के लिए दी थी शिकायत आज तक नहीं हुई ठीक..

शाहपुरा@ बागौर क्षेत्र के गुंदली गांव में हाल ही में करंट फैलने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी विद्युत विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।एक ओर विभाग सुरक्षा और मेंटेनेंस के बड़े दावे करता है,वहीं दूसरी ओर खामोर गांव में लंबे समय से जर्जर अर्थिंग व्यवस्था,लो वोल्टेज और ट्रांसफार्मर के नीचे करंट आने जैसी समस्याओं से ग्रामीण भय और परेशानी के बीच जीवन गुजारने को मजबूर हैं।शिकायतों और पूर्व में हुए हादसे के बाद भी हालात नहीं बदलने से शुक्रवार सुबह ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग ट्रांसफार्मर स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन कर विभागीय कार्यप्रणाली के खिलाफ नाराजगी जताई।ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर के नीचे लगा अर्थिंग प्वाइंट लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ा है तथा उसकी नियमित देखरेख नहीं होने से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि अर्थिंग पर्याप्त गहराई में नहीं होने और समय पर मरम्मत नहीं किए जाने से करीब 50 से 60 घर लगातार लो वोल्टेज की समस्या झेल रहे हैं।

भीषण गर्मी में कुलर पंखे तक नहीं चलते हैं..पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलते।

ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने से हालात और खराब हो गए हैं। कई घरों में पंखे, कूलर और पानी की मोटरें तक सही तरीके से नहीं चल पा रही हैं। दिनभर गर्मी से लोग परेशान रहते हैं, वहीं पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार रात के समय सबसे अधिक परेशानी होती है,जब लो वोल्टेज के कारण घरेलू उपकरण लगभग बंद जैसे हालात में पहुंच जाते हैं।

अर्थिंग प्वाइंट को चालू रखने के लिए ग्रामीण डलवा रहे हैं पानी के टैंकर..

स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रांसफार्मर की अर्थिंग व्यवस्था को किसी तरह चालू बनाए रखने के लिए आए दिन अर्थिंग प्वाइंट पर पानी के टैंकर डलवाने पड़ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति विभागीय मेंटेनेंस व्यवस्था की वास्तविकता उजागर करती है। इसके बावजूद सप्लाई व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार नहीं हो पा रहा..जिससे ग्रामीण परेशान है।विभागीय अधिकारियों को फोन करते हैं तो आश्वाशन देते हैं लेकिन 2 माह से ग्रामीणों को समाधान नहीं मिला,असुविधा झेल रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि प्रति माह विद्युत खर्च का बिल दे देते हैं लेकिन विद्युत पॉवर सप्लाई प्रोपर नहीं आती है विभाग की कार्यशैली से आमजन बेहाल है।

ट्रांसफार्मर के नीचे दौड़ता करंट बना ग्रामीणों की दहशत का कारण..

ग्रामीणों के अनुसार ट्रांसफार्मर के नीचे एवं आसपास करंट प्रवाहित होने जैसी स्थिति बनी रहती है। लोगों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चे और राहगीर भी ट्रांसफार्मर के पास जाने से डरने लगे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के नजदीक विद्यालय परिसर है खेल खेल में बच्चे उस तरफ चले गए तो हादसा होने की संभावना है।

करीब एक माह पूर्व हुई थी बकरी की मौत,ग्रामीणों ने कराया था अवगत, फिर भी नहीं चेता विभाग…

ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पूर्व किसान भेरू भील की बकरी ट्रांसफार्मर के पास करंट की चपेट में आ गई थी, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।जिससे आज तक कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिला।ओर ना मौके पर कोई विभागीय कर्मचारी वहां हादसे के दिन पहुंचा।लोगों का कहना है कि गनीमत रही कि उस हादसे के दौरान बकरी की जगह कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस घटना के बाद भी विभाग ने समस्या के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई और हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं।

दो से तीन महीने से शिकायतें, फिर भी समाधान नहीं…

समाजसेवी बलवंत सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछले दो से तीन महीनों से ग्रामीण लगातार समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार लाइनमैन, जेईएन एवं एईएन को ट्रांसफार्मर की खराब अर्थिंग व्यवस्था और लो वोल्टेज की समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या की जानकारी लाइनमैन को देने पर वे जेईएन से बात करने की बात कहकर जिम्मेदारी आगे बढ़ा देते हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी गांव में आने पर कुछ प्रभावशाली लोगों के कार्य कर लौट जाते हैं, जबकि आमजन की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जाता।

गुंदली हादसे के बाद भी नहीं जागा सिस्टम…

हाल ही में जिले के गुंदली गांव में करंट फैलने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद उम्मीद थी कि विभाग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर होगा,लेकिन खामोर में अब भी हालात नहीं बदले हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग मानो किसी बड़े हादसे के बाद ही चेतने की प्रतीक्षा कर रहा है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी..

शुक्रवार सुबह ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित होकर ट्रांसफार्मर स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ट्रांसफार्मर की अर्थिंग व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और लो वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा गांव की विद्युत व्यवस्था सुधारने की मांग की है।