गुप्त कैमरे, 58 महिलाएं… रेप केस में नासिक का ज्योतिषाचार्य गिरफ्तार

भीलवाड़ा । नासिक के ज्योतिषि अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन’ की रेप केस में गिरफ्तारी ने महाराष्ट्र में सियासी हलचल बढ़ा दी है. खरात महाराष्ट्र के कई नेताओं का करीबी बताया जाता है. सोशल मीडिया पर उसकी भारत के कई नेताओं के साथ की तस्वीरें-वीडियो वायरल हो रही है. इस बीच अकोश खरात के फॉर्म हाउस से जो जानकारियां सामने आई हैं, वो हैरान करने वाली है. बड़े-बड़े नेताओं के साथ नजर आने वाला इस ज्योतिषि ने अपने फॉर्म हाउस पर गुप्त कैमरे लगवा रखे थे. अशोक खरात की गिरफ्तारी 35 साल की एक महिला के शिकायत पर हुई है, महिला का आरोप है कि उसने कई बार उसके साथ रेप किया. इस बीच यह जानकारी भी सामने आई है कि अशोक खरात के ठिकानों से 58 संदिग्ध वीडियो मिले है. जिसमें उसके अलग-अलग महिलाओं के साथ नजर आने का दावा किया जा रहा है. जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि नासिक के कनाडा कॉर्नर स्थित अपने कार्यालय में खरात महिलाओं को अपनी बातों में फंसाकर उनके साथ दुर्व्यवहार और अश्लील कृत्य करता था और आपत्तिजनक वीडियो भी बनाता था. कनाडा कॉर्नर इलाके में उसका ‘ओकस प्रॉपर्टी डीलर एंड डेवलपर्स’ नाम से कार्यालय है. पुलिस की कार्रवाई के बाद फिलहाल यह कार्यालय बंद है. जानकारी है कि इस कार्यालय में गुप्त तरीके से CCTV कैमरे लगाए गए थे. पुलिस को मिले पेनड्राइव में कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं. बताया जा रहा है कि ये सभी वीडियो इसी कार्यालय में रिकॉर्ड किए गए थे.

महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर में मंदिर ट्रस्ट चलाने वाले स्वयंभू बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. 18 मार्च को एक 35 साल की महिला की ओर से दर्ज कराए गए रेप केस मामले के बाद अब खरात के खिलाफ 8 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं. एसआईटी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि खरात अपने दफ्तर में ‘कोड लैंग्वेज’ का इस्तेमाल करता था.

जांच में पता चला है कि जब भी बाबा खरात किसी महिला को ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर केबिन के अंदर बुलाता था, तो वह कमरे के झूमर की लाइट बंद कर देता था. यह स्टाफ के लिए एक ‘कोड’ होता था कि अंदर यौन शोषण की प्रक्रिया चल रही है और उस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की इजाजत नहीं होती थी. बाबा के केबिन में ऐसे कांच लगे थे, जिनमें बाहर से अंदर का दृश्य नहीं दिखता था, जबकि अंदर से बाहर का नजारा दिख जाता था.

महाराष्ट्र सरकार ने IPS तेजस्वी सातपुते की अगुवाई में एक एसआईटी बनाई है. इस टीम ने दो मोबाइल नंबर जारी किए हैं. सीनियर अधिकारियों के अनुसार, पिछले 5 दिनों में 50 से ज्यादा कॉल आए हैं जिनमें लोगों ने खरात के काले कारनामों की जानकारी दी है. औसतन प्रतिदिन 15 से 20 कॉल जांच टीम को मिल रहे हैं. एसआईटी ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.

नासिक के कलेक्टर आयुष प्रसाद ने नैतिक पतन को आधार मानते हुए अशोक खरात का रिवॉल्वर लाइसेंस निलंबित कर दिया है. प्रशासन का मानना है कि खरात अपने हथियारों का इस्तेमाल पीड़ितों को डराने-धमकाने के लिए कर सकता था. वहीं, शुक्रवार को फोरेंसिक टीम के साथ एसआईटी ने खरात के दफ्तर से फाइलें, दस्तावेज और एक डायरी बरामद की है, जिससे कई बड़े नामों के खुलासे होने की उम्मीद है.