गुरला गांव की बदहाल सड़क बनी मौत का न्योता , गांव में घुसते ही रामदेव मंदिर के पास सोपुरा रोड पर मलबे का पहाड़

सोपुरा से गुरला पैदल चलने वाले बच्चे, बुजुर्ग, मरीज और किसान बेहाल

शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन, ग्रामीणों में आक्रोश

गुरला:-भीलवाडा (बद्री लाल माली) भीलवाड़ा जिले के 20 कीलोमीटर दुर शैक्षणिक केंद्र गुरला गांव में प्रवेश करते ही राहगीरों को बदहाल सड़क का सामना करना पड़ रहा है।
रामदेव मंदिर के पास सोपुरा रोड पर पिछले 15-20 दिनों से मलबे का पहाड़ लगा हुआ है। जिससे गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह बाधित हो रही यह सड़क अब ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन गई है।

*गांव की एंट्री पर ही स्वागत है कीचड़ और मलबे का*

गुरला में आने वाले हर व्यक्ति को सबसे पहले इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। लेकिन सड़क पर जगह-जगह पड़े पत्थर, मिट्टी और निर्माण मलबे के कारण आवागमन दूभर हो गया है। दोपहिया वाहन चालक रोजाना फिसलकर गिर रहे हैं। रात के समय अंधेरे में हादसे का खतरा और भी बढ़ गया है।

*शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित*

इस रास्ते से आसपास के 8-10 गांवों से 4-5 किलोमीटर पैदल चलकर विद्यार्थी गुरला स्कूल पढ़ने आते हैं। मलबे और कीचड़ के कारण बच्चे रोजाना देरी से स्कूल पहुंच रहे हैं और कई बार गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। वहीं चिकित्सा विधालय राशन सामान ई-मित्र बैंक,जेसे काम और पंचायत का काम करवाने आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और मरीज भी इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। मलबे के कारण एंबुलेंस को भी निकलने में दिक्कत आ रही है।

*किसान और व्यापारी भी परेशान*

भीलवाड़ा मंडी में सब्जी और अनाज बेचने आने वाले किसानों को भी सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक फिसलने से से सब्जीया खराब हो रही है।

*जिम्मेदार मौन, ग्रामीणों में रोष*

ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब गांव की मुख्य सड़क की सुध नहीं ले रहे। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

कैलाशपुरी निवासी रामप्रसाद सुवालका ने कहा -की गांव में घुसते ही रामदेव मंदिर के पास वाली रोड बहुत खराब है। आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कत आ रही है। हमने सरपंच से शिकायत की थी, पर आज तक कुछ नहीं हुआ।”_

गाडरी खेड़ा निवासी कैलाश गाडरी ने कहा – _”हमारे बच्चे गाडरी खेड़ा, सोपुरा, कुम्हारी खेड़ा से 4-5 कीलोमीटर पैदल चलकर आते हैं। अगर किसी बच्चे को कुछ हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा?”

लेहरू लाल माली ने बताया बरसात में निकलना मुश्किल है। बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। प्रशासन कब जागेगा?”

*प्रशासन से मांग*

ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर, विधायक और अधिकारियों से मांग की है कि तुरंत जेसीबी लगाकर रामदेव मंदिर के पास सोपुरा रोड से मलबा हटवाया जाए। सड़क की मरम्मत और नाली निर्माण का काम बरसात से पहले शुरू किया जाए। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण चक्का जाम और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।