गुरु पूजन व धर्म ध्वजारौहण के साथ ही हुआ भव्य चातुर्मास का शंखनाद

बद्री लाल माली

-महंत सरजुदास महाराज का मछान तप चातुर्मास, जहाँ भक्ति, सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति का होगा अद्वितीय संगम।

-मुंबई की पावन धरा पर पहलीबार हो रहा भव्य मछान तप चातुर्मास महोत्सव जो दिनांक 29 जुलाई 2026 गुरुपूर्णिमा से 24 नवंबर 2026 कार्तिक पूर्णिमा तक चलेगा।

गुरला |स्मार्ट हलचल|मुंबई हमारी सनातन धर्म संस्कृति में आदिकाल से ही साधु संतजन अपने-अपने तौर तरीकों से जपतप करते रहे हैं। जिसके फलस्वरूप ही धरती पर धर्मकर्म की स्थापना के साथ ही साथ ईश्वरीय भक्तिभाव साधना से भक्तगण भी ओतप्रोत रहते आये हैं। जो आज इस कलयुग में भी जहां सिर्फ “कलयुग केवल नाम अधारा” को चरितार्थ करते हुए केवल और केवल नाम ही आधार बचा हैं। जिसके चलते आज भी कई तरीकों से धार्मिक आयोजन होते आ रहे हैं। इसी कड़ी में प्रकृति के ठीक विपरीत तप करने वाले महंत सरजुदास महाराज ने भी महाराष्ट्र के मुंबई स्थित भिवंडी येवई गाँव में गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुपुजन के पश्चात धर्म ध्वजारौहण करके अपने मछान तप चातुर्मास का भव्य शंखनाद किया।
येवई गाँव के भक्तों के अनुसार डाँग के हनुमान मंदिर हनुमानजी का खेड़ा, चारभुजा चम्पाबाग और हनुमान बाग राजाजी का करेड़ा, खाकचौक अयोध्या आश्रम, बद्रीनाथधाम आश्रम के महंत परम् पूज्य गुरुदेव सरजुदास महाराज का गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर येवई गांव में कलश शौभायात्रा के साथ मंगल प्रवेश हुआ। बाद इसके आंधप्रदेश तिरुपति से आये आचार्य पण्डित युवराज योगेंद्र शर्मा व आचार्य पण्डित पंकज शर्मा द्वारा उच्चारित मंत्रोच्चार के साथ संत सानिध्य में भक्तों द्वारा बुधवार को अभिजीत मुहूर्त में धर्म ध्वजारौहण किया गया। और इसी के साथ महंत सरजुदास महाराज के मछान तप चातुर्मास का भी भव्य शंखनाद हुआ।
आयोजन समिति के वैभव वैखारे, गोविंद कुमार बोराणा, सत्यनारायण लौहार, मथुरालाल कुमावत, प्रभुलाल लौहार, हेमराज तेली, राजमल लौहार, रमेशचंद्र जाट, नारायण लौहार इत्यादि भक्तों ने बताया कि धर्म ध्वजारौहण से पूर्व गुरुपूर्णिमा पर महंत सरजुदास महाराज के चरणकमल धोकर केसर, चंदन से तिलक कर पुष्पमाला पहना गुरुपूजन व मंगल आरती करके आशिर्वाद प्राप्त किया। बाद इसके महंत सरजुदास महाराज द्वारा बरसात ऋतु में किये जाने वाले अपने मछान तप साधना हेतु वैदिक पंडितों द्वारा उच्चारित मंत्रोच्चार व गाजेबाजे के साथ हजारों भक्तों की मौजूदगी में आयोजन स्थल अखिल देववंशीय मालवीय लोहार समाज, मेवाड़ मुंबई वाटिका, येवई गाँव, नियर आश्रम स्कूल के पीछे, येवाई निम्बवली रोड़, भिवंडी, ठाणे, महाराष्ट्र में महंत सरजुदास महाराज मछान पर चढ़े। जहां खुले आसमान तले 4 माह तक अपनी तपस्या में लीन रहेंगें। वहीं 24 नवम्बर 2026 को कार्तिक पुर्णिमा के पावन अवसर पर मछान तप की पूर्णाहुति 2 लाख 51 हजार दीपकों से भव्य दीपदान महोत्सव के साथ ही भव्य भजन संध्या एवं विशाल भंडारा महाप्रसादी का आयोजन करके किया जाएगा।
प्रभुलाल लौहार ने बताया कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर ही भव्य भजन संध्या का आयोजन भी किया गया जिसमें एक से एक सुप्रसिद्ध भजन गायक कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई। जिसमें अशोक कुमार वाखरे अध्यक्ष विधायक संसद श्रमजीवी संघटना महाराष्ट्र राज्य, भाजपा उपाध्यक्ष लाल सिंह राजपूत भिवंडी, समाजसेवी रूप सिंह राजपुरोहित के साथ ही राजस्थान से गजेन्द्र सिंह सबलपुरा सहित येवई गाँव के अन्य भक्तजनों ने भी गुरुपूर्णिमा के अवसर पर गुरु महंत सरजुदास महाराज का आशिर्वाद प्राप्त किया।