मोहम्मद आज़ाद नेब
जहाजपुर|स्मार्ट हलहल|नगर पालिका की ओर से आमजन को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नमो उद्यान में करीब 9 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ओपन जिम के व्यायाम उपकरण अब रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं। मौके पर सिर्फ टीनशेड खड़ा है, जबकि जिन उपकरणों के सहारे लोगों को व्यायाम करना था, उनका कहीं नामोनिशान नहीं दिखता।
जब इस पूरे मामले की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। पत्रकारों की टीम ने जानकारी जुटाई तो व्यायाम के सभी उपकरण मातोलाई रोड पर काना लुहार के मकान की चारदीवारी के भीतर रखे हुए मिले।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि उपकरण हटाए गए थे तो इसकी कोई सार्वजनिक सूचना क्यों नहीं दी गई? आखिर लाखों रुपये के सरकारी सामान को उद्यान से हटाकर निजी स्थान पर किसके आदेश से रखा गया? इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
मामले में पालिका स्टोर इंचार्ज आशा शर्मा का कहना है कि “टेक्निकल प्रॉब्लम की वजह से व्यायाम के सामान हटाए गए हैं।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि समस्या क्या थी और उपकरण दोबारा कब लगाए जाएंगे।
वहीं ठेकेदार जियाउल हक ने अलग ही दावा किया। उनका कहना है कि “नगर पालिका प्रशासन ने भुगतान नहीं किया, इसलिए व्यायाम के उपकरण खोल दिए गए।”
दोनों पक्षों के अलग-अलग बयानों ने पूरे मामले को और अधिक संदेहास्पद बना दिया है। यदि भुगतान विवाद था तो उद्घाटन से पहले ही इसका समाधान क्यों नहीं किया गया? और यदि तकनीकी खराबी थी तो उपकरण निजी स्थान पर क्यों रखे गए?
अब शहरवासियों के बीच चर्चा है कि क्या ‘नमो उद्यान’ केवल उद्घाटन और फोटो सेशन तक ही सीमित रह गया है? करोड़ों और लाखों की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचे, इसके लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका इस पूरे मामले में क्या स्पष्टीकरण देती है और 9 लाख रुपये के व्यायाम उपकरण दोबारा नमो उद्यान में कब तक लगते हैं।
