मुकेश खटीक
मंगरोप।जिले के हमीरगढ़ थाना पुलिस ने पाँच दिन में हवाई पट्टी के पास जंगल में बकरी चरवाहे की हत्या का खुलासा करते हुए बकरियाँ चुराने वाले एक्टिव गैंग के एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस की त्वरित कार्रवाई से घटना का राजफाश हुआ और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।विदित रहे कि विगत 13 नवंबर को हमीरगढ़ थाने में सूचना मिली कि हमीरगढ़ हवाई पट्टी के पास जंगल में एक बुजुर्ग बकरी चरवाहा बेहोशी की हालत में पड़ा है,जिसके हाथ-पैर बंधे हुए हैं।इस पर थाना प्रभारी संजय गुर्जर टीम सहित मौके पर पहुंचे।मौके पर चित्तौड़गढ़ जिले के गणेशपुरा निवासी 70 वर्षीय सोहनलाल गाड़री पिता छगना गाड़री मृत अवस्था में मिले।सोहनलाल रोजाना की तरह सुबह बकरियाँ चराने निकले थे। दोपहर करीब 2.30 बजे उनके पुत्र देवीलाल और पुत्री अनीता चाय लेकर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि सोहनलाल के हाथ-पैर पगड़ी से बंधे थे,मुंह पर तौलिया बांधा हुआ था और वे उलटे पड़े थे।मौके से उनके दो बकरे भी गायब मिले।परिजन उन्हें तुरंत जिला चिकित्सालय ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।हमीरगढ़ पुलिस ने बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।थाना प्रभारी संजय गुर्जर के नेतृत्व में तीन टीमें बनाई गईं।टीमों ने हवाई पट्टी,आसपास के रास्तों,संस्थानों और अन्य लोकेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।साथ ही बीटीएस लोकेशन डाटा,संदिग्ध मोबाइल नंबरों और कॉल डिटेल के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की।जांच में पता चला कि आरोपी पिलेश उर्फ पिलिया कंजर और उसका गिरोह मोटरसाइकिल पर घूमकर सुने मकानों और बकरे चरा रहे लोगों की रेकी करते थे।13 नवंबर को भी गिरोह रेकी करते हुए हवाई पट्टी क्षेत्र में पहुँचा जहाँ चरवाहा अकेला मिला था।गिरोह ने सोहनलाल गाड़री के हाथ-पैर और मुंह बांधकर दो बकरे चुरा लिए और मोटरसाइकिल से फरार हो गया।बंधे रहने और दम घुटने से सोहनलाल की मौके पर ही मौत हो गई।इस मामले में पुलिस ने पिलेश उर्फ पिलिया कंजर(26)निवासी कंजर बस्ती,मोती मगरी,थाना विजयपुर,जिला चित्तौड़गढ़ को विजयपुर क्षेत्र से डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस ने कहा है कि अन्य आरोपी भी जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे।सइबर सेल:अशिष मिश्रा,दीपक जांगिड़,चन्द्रपाल,दिलीप सिंह,अनिल,गौतम सिंह,हरवीर,पवन सीओ सदर टीम:विशम्बर दयाल,नेतराम,शम्भु,कुशवेन्द्रथाना हमीरगढ़:नरपत सिंह,बलवीर,सुनील,शान्तिलाल,राहुल,दिनेश टीम के संयुक्त प्रयास से ही आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो पाई एवं एक ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश हुआ है।













