केंद्र से समझौते के साथ पानी की राजनीति से आगे बढ़ा प्रदेश—हर घर नल से जल का लक्ष्य अब तेज रफ्तार पर
भीलवाड़ा / जयपुर । ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को धरातल पर उतारने की दिशा में राजस्थान ने बड़ी प्रशासनिक और नीतिगत बढ़त हासिल की है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत नई गाइडलाइन्स के अनुसार केंद्र सरकार के साथ एमओयू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है। नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय में हुए इस समझौते ने साफ कर दिया है कि राज्य अब पेयजल आपूर्ति के मोर्चे पर तेजी से आगे बढ़ने के मूड में है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए इसे प्रदेश के लिए “निर्णायक कदम” बताया।
सरकार का दावा है कि इस एमओयू के बाद राज्य में जल आपूर्ति व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों तक भी नियमित व स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का रास्ता साफ होगा। खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिनकी रोजमर्रा की जिंदगी पानी की समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित रहती है।
राज्य में ‘डबल इंजन’ की सरकार इस मिशन को तेज गति देने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को अहम मान रही है। नई गाइडलाइन्स के तहत मिशन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जाएगा।
यह समझौता केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि उस लक्ष्य की ओर ठोस कदम है, जिसमें हर ग्रामीण परिवार तक नल से नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। अब देखना होगा कि यह तेज शुरुआत जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से परिणाम में बदलती है।
