हाथरस, उन्नाव, मणिपुर, महिला पहलवानों के साथ ज्यादती करने वाली पार्टी के नेता महिला हितैषी होने का दावा नहीं करे: पूर्व मंत्री जाड़ावत

ओम जैन

शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|प्रदेश के कद्दावर कोंग्रेस नेता राजस्थान सरकार के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी द्वारा दिए व्यक्तत्व को लेकर करारा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की चाल, चरित्र, और चेहरा बिल्कुल महिलाओं के पक्ष में है तभी 2023 में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम दोनो सदनों में ध्वनिमत से पारित हो गया था। चाल चरित्र और चेहरा भाजपा का खराब है तभी इस बिल की आड़ में परिसीमन को आड़े रखकर कम जनसंख्या वाले दक्षिण राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए हिंदी पट्टी राज्यों की सीटे बढ़ाना एक मात्र लक्ष्य था जिसे इंडिया गठबन्धन ने एकजुट होकर संविधान को तोड़ने वाले इनके इस षडयंत्र को नाकाम कर दिया अगर भाजपा में इतनी ही महिलाओं के पक्ष में हमदर्दी होती तो 2023 का नारी शक्ति वंदन अधिनियम तत्काल प्रभाव से मोजूदा 543 सीटों पर महिला कोटा लागू करना था।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण की मूल पहल (1989) राजीव गांधी सरकार ने पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रस्ताव रखा था जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पंचायत राज पर महिलाओं को नेतृत्व का अवसर प्रदान करना और लोकतांत्रिक नींव को मजबूत करना था बाद में, तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की सरकार के दौरान 1993 में इन संशोधनों (73वें और 74वें) को पारित किया गया, जिससे पंचायतों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित हुआ यह पूर्णतया कांग्रेस की देन है।
प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सरोजिनी नायडू को पार्टी अध्यक्ष, इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री, मीरा कुमार को लोकसभा अध्यक्ष, प्रतिभा पाटिल को राष्ट्रपति बनाया। कांग्रेस ने भारतीय महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं। 2013 में ‘निर्भया एक्ट’ के जरिए महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनों को और सख्त बनाया गया था भाजपा की कथनी और करनी में अन्तर है।